Pariksha Pe Charcha 2022
- फोटो : Twitter
बालिका सशक्तिकरण पर भी की गई चर्चा
परीक्षा पे चर्चा में ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं के विकास पर भी बात की गई। पीएम ने बताया कि पहले के समय में जब शिक्षा की बात आती थी तो मां बाप सोचते थे कि बेटे को पढ़ाना चाहिए और कभी कभी कुछ लोग ये भी सोचते थे कि बेटी को पढ़ाकर क्या करना है, वो तो ससुराल जाएगी। अब काफी कुछ बदला है। जो समाज बेटियों के सामर्थ को जानने में पीछे रह गया, तो वो समाज कभी आगे नहीं बढ़ सकता। आज खेलकूल में भारत की बेटियां हर जगह पर अपना नाम रोशन कर रही हैं। विज्ञान के क्षेत्र में हमारी बेटियों का आज पराक्रम दिखता है।10वीं, 12वीं में भी पास होने वालों में बेटियों की संख्या ज्यादा होती हैं। आज शिक्षण, नर्सिंग, पुलिसिंग आदि के क्षेत्र में लड़कियां आगे बढ़ रही हैं। आज जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, तो आज हिंदुस्तान के पार्लियामेंट में अब तक के कालखंड की सबसे ज्यादा महिला सांसद हैं।पीएम ने कहा कि समाज से मेरी अपील है कि बेटियों को समान अवसर दिया जाए। समान अवसर से अगर बेटा 19 करेगा तो बेटियां 20 करेंगी।