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भारत से पहले इन देशों में रह चुकी थीं मदर टेेरेसा, उनसे जुड़े ये 12 सवाल सुना देंगे पूरी कहानी

Mon, 26 Aug 2019 12:05 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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mother teresa
मदर टेरेसा, जिसे देश का बच्चा-बच्चा जानता है, आज 26 अगस्त, 1910 में जन्म हुआ। ये मेसिडोनिया की राजधानी स्कोप्जे शहर में पली-बढ़ीं। टेरेसा ने 1950 में कोलकाता का रुख किया और कोलकाता को ही अपना घर बनाया। उन्होंने 68 साल तक गरीबों और लाचार वर्ग की सेवा कर दुनिया को मानवता की शिक्षा दी। मिशनरीज ऑफ चैरिटी उनके द्वारा स्थापित की गई। बता दें वे भारत में आने से पहले ऑटोमन, सर्बिया, बुल्गेरिया और युगोस्लाविया की नागरिक रह चुकी थीं। भारत उनका पांचवां और सबसे पसंदीदा घर बना।
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- मदर टेरेसा के मा-बाप का नाम और उनके काम?
मदर टेरेसा की माता का नाम द्राना बोयाजू था, जो एक कुशल गृहिणी थी और पिता का नाम निकोला बोयाजू था, जो एक मेहनतकश और अल्बेनियाई किसान थे। टेरेसा के पिता ने बाद में कृषि को छोड़ दिया और भवन निर्माण के कार्य में लग गए। बता दें कि मदर टेरेसा अपने माता पिता की चौथी संतान थीं। मदर टरेसा के दो बहन और एक भाई थे, जो इनसे बड़े थे। 

- मदर टेरेसा का पूरा नाम?
मदर टेरेसा का बचपन से नाम “एग्नेस गौंझा बोनास्क्यू” था।

- मदर टेरेसा को और किन-किन नामों से जाना जाता है?
इन्हें टेरेसा, मदर टेरसा, ममतामयी मां, गरीबों की मसीहा, विश्व जननी, मदर मैरी, संत आदि अनगिनत नामों से जाना जाता है।

- कैसा था उनका पहनावा?
मदर टेरेसा ने नन के पारंपरिक परिधानों से इतर नीले बॉर्डर वाली सफेद साड़ी पहनकर खुद को लोगों से जोड़ा।
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- कोलकाता में इनके द्वारा किए गए काम?
टेरेसा की संस्था ने कोलकाता में कई आश्रम, गरीबों के लिए रसोई, स्कूल, कुष्ठ रोगियों के लिए बस्ती, अनाथों के लिए घर आदि बनवाए। उनके आलोचक भी कम नहीं थे।

- गटर की संत नाम क्यों पड़ा?
गंदी बस्तियों में सेवा करने के कारण पश्चिमी जनमानस ने उन्हें ‘गटर की संत’ तक कहा था, लेकिन वह कहतीं थीं कि जख्म भरने वाले हाथ प्रार्थना करने वाले होंठ से कहीं पवित्र होते हैं।

- मदर टेरेसा को मिलने वाला सम्मान?
उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के साथ भारत रत्न, टेम्पटन प्राइज, ऑर्डर ऑफ मेरिट और पद्म श्री से नवाजा गया है।

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Mother Teresa
- मदर टेरेसा को कब और कहां मिली संत की उपाधि?
वेटिकन सिटी में एक समारोह के दौरान रोमन कैथोलिक चर्च के पोप फ्रांसिस ने मदर टेरेसा को संत की उपाधि दी। 

- उनके जीवन का यादगार पुरस्कार?
मदर टेरेसा को उनके जीवनकाल में गरीबों और वंचितों की सेवा और उत्थान के लिए कई पुरस्कार मिले। इसमें 1979 में मिला नोबेल शांति पुरस्कार सबसे प्रमुख था, जो उन्हें मानवता की सेवा के लिए प्रदान किया गया था।

- कब हुई मिशनरीज ऑफ चैरिटी स्थापना?
साल 1946 में उन्होंने गरीबों, असहायों की सेवा का संकल्प लिया था. निस्वार्थ सेवा के लिए टेरेसा ने 1950 में कोलकाता में 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी' की स्थापना की थी. 1981 में उन्होंने अपना नाम बदल लिया था।
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- कितने लोगों के साथ मिलकर शुरू की मिशनरीज ऑफ चैरिटी?
उन्होंने 12 सदस्यों के साथ अपनी संस्था की शुरुआत की थी और अब यह संस्था 133 देशों में काम कर रही है। 123 देशों में 4500 सिस्टर हैं।

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