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मेडिकल एजुकेशन : बिना नीट परीक्षा दिए भी चिकित्सा क्षेत्र में ऐसे बना सकते हैं करिअर, विस्तार से समझें

Fri, 07 May 2021 09:27 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

चिकित्सा पाठ्यक्रमों में दाखिलों के लिए NEET देना पड़ता है। लेकिन बना नीट परीक्षा दिए भी आप चिकित्सा क्षेत्र में करिअर बना सकते हैं।
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बिना नीट परीक्षा दिए चिकित्सा क्षेत्र में करिअर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
देशभर में अमूमन सभी अभिभावकों की ख्वाहिश होती है कि उनके बच्चे डॉक्टर या इंजीनियर बनकर शानदार नौकरी पा लें या फिर अपना अस्पताल खोल लें। इससे समाज में उनके मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। लेकिन देश में मेडिकल एजुकेशन सेक्टर में करिअर बनाना इतना आसान काम नहीं है। चिकित्सा क्षेत्र में बैचलर ऑफ मेडिसिन, बैचलर ऑफ सर्जरी यानी एमबीबीएस (MBBS) बीएचएमएस, बीएएमएस और बीडीएस (BDS) जैसे पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए लाखों छात्र किस्मत आजमाते हैं। इन पाठ्यक्रमों में दाखिलों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) देना पड़ता है। लेकिन बना नीट परीक्षा दिए भी आप चिकित्सा क्षेत्र में करिअर बना सकते हैं।
 
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बिना नीट परीक्षा दिए चिकित्सा क्षेत्र में करिअर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
हर साल लगभग 15-16 लाख स्टूडेंट इस परीक्षा में भाग लेते हैं। लेकिन महज कुछ ही नीट क्वालीफाई कर पाते हैं। इसके बाद उन्हें उनकी रैंक के अनुसार, देश के विभिन्न चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में दाखिले मिलते हैं। अगर आप नीट क्वालिफाई नहीं कर पाए, तो निराश न हों। आप नीट परीक्षा को बिना दिए भी आप मेडिकल सेक्टर में अपना करिअर बना सकते हैं। तो आइए जानते हैं चिकित्सा क्षेत्र के ऐसे प्रमुख पाठ्यक्रमों के बारे में जहां आप 12वीं के बाद सीधे दाखिला ले सकते हैं। इन पाठ्यक्रमों के लिए नीट क्वालीफाई करना जरूरी नहीं है।
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बिना नीट परीक्षा दिए चिकित्सा क्षेत्र में करिअर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
हालांकि, इनके लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10 प्लस 2 यानी 12वीं बोर्ड परीक्षा में भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान/गणित (पीसीबी/पीसीएम) जैसे विषय होना जरूरी हैं। कुछ विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाने के लिए आपको अलग से प्रवेश परीक्षा देनी पड़ सकती है। तो कुछ विश्वविद्यालय 12वीं बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर ही सीधे प्रवेश दे देते हैं। 

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physiotherapy - फोटो : अमर उजाला
फिजियोथेरेपी
फिजियोथेरेपी नीट के बिना किए जा सकने वाला एक ऐसा करिअर ऑप्शन है जिसे काफी संतोषजनक माना जाता है। इसमें कमाई भी अच्छी होती है। शरीर की मांसपेशियों को सही अनुपात में सक्रिय करने की विधा ही फिजियोथेरेपी कहलाती है। इस क्षेत्र में करिअर बनाने के लिए वे बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी का कोर्स कर सकते हैं।  
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
वेटरनरी डॉक्टर
पशुओं से लगाव रखते हैं तो आप वेटरनरी डॉक्टर भी बन सकते हैं। वेटरनरी साइंस जानवरों के रोगों के उपचार और डायग्नोस्टिक से संबंधित है। पशु चिकित्सा का अध्ययन करने के इच्छुक उम्मीदवार कक्षा 12वीं के बाद बैचलर इन वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबैंडरी का विकल्प चुन सकते हैं।
यह 5.5 वर्षीय स्नातक की डिग्री प्रोग्राम है। इसमें अंतिम 6 महीने जानवरों के उपचार से संबंधित अनिवार्य इंटर्नशिप के लिए होते हैं। बीवीएससी पूरी करने के बाद आप पशु सर्जरी के क्षेत्र में सेवाएं दे सकते हैं और पशुचिकित्सा सर्जन, सहायक पशुचिकित्सक, वेटरनरी फार्मकोलॉजिस्ट वेटरनरी न्यूरोलॉजिस्ट आदि के रूप में काम कर सकते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
बीएससी न्यूट्रिशन
हेल्थ सेक्टर में रुचि रखने वाले छात्र न्यूट्रिशन में करिअर बना सकते हैं। 12वीं के बाद छात्र बैचलर डिग्री, मास्टर डिग्री या डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। बीएससी न्यूट्रिशन एक स्नातक पाठ्यक्रम है। इसमें आसानी से दाखिला मिल जाता है। यह फूड साइंस यानी भोजन विज्ञान से जुड़ा एक ऐसा कोर्स है, जिसमें फूड न्यूट्रिएंट्स के बारे में अध्ययन किया जाता है। इस कोर्स को करने के बाद आप सरकारी क्षेत्र और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रहे प्राइवेट संस्थानों में अपना करिअर बना सकते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
मनोविज्ञान 
मनोविज्ञान मानव मन और व्यवहार का वैज्ञानिक अध्ययन है। इसमें मानव विकास, स्वास्थ्य, नैदानिक प्रक्रिया जैसे कई उपक्षेत्र शामिल होते हैं। उम्मीदवार 12वीं के बाद बिना नीट के बीए ऑनर्स साइकोलॉजी का विकल्प चुन सकते हैं। यह पूर्णकालिक तीन वर्षीय स्नातक डिग्री पाठ्यक्रम है। स्नातक करने के बाद उम्मीदवारों को निजी और सरकारी क्षेत्रों में आसानी से नौकरी मिल सकती है। उन्हें विश्वविद्यालयों, सरकारी एजेंसियों, क्लीनिकों, स्कूलों और अस्पतालों में नौकरी आसानी से मिल जाती है। 

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Pharmacy sector
फार्मेसी 
फार्मेसी के कोर्स में विभिन्न दवाइयों और ड्रग का अध्ययन किया जाता है। फार्मासिस्ट बनना चाहते हैं, तो 12वीं के बाद बी फार्मा का कोर्स कर सकते हैं। बी फार्मा एक स्नातक डिग्री कार्यक्रम है जहां छात्रों को फार्मेसी की मूल बातें सिखाई जाती हैं। फार्मेसी की पढ़ाई करने के बाद सरकारी से लेकर निजी क्षेत्र तक में नौकरी की जा सकती है या फिर खुद का व्यवसाय स्थापित किया जा सकता है। छात्र इस कोर्स के जरिए केमिकल टेक्नीशियन, ड्रग इंस्पेक्टर, हेल्थ इंस्पेक्टर, फार्मासिस्ट आदि बन सकते हैं।

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Representative Image - फोटो : twitter
नर्सिंग
अस्पतालों में डॉक्टर के बाद सबसे ज्यादा नर्स की ही जरूरत होती है। मरीज की सारी देखभाल का काम नर्स ही करती या करते हैं। नर्सिंग एक प्रोफेशनल कोर्स है। नर्सिंग चार वर्षीय स्नातक कोर्स है। नर्सिंग के बाद एक छात्र स्टाफ नर्स, रजिस्टर्ड नर्स (आरएन), नर्स शिक्षक, मेडिकल कोडर आदि बन सकते हैं। इसके अलावा एएनएम और जीएनएम आदि भी नर्सिंग से जुड़े बेहतरीन करिअर विकल्प हैं।

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बिना नीट परीक्षा दिए चिकित्सा क्षेत्र में करिअर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
ये भी हैं विकल्प 
  1. बैचलर ऑफ नैचुरोपैथी एंड योगा साइंस
  2. बीएससी इन फोरेंसिक साइंस
  3. बीएससी इन बायोकेमिस्ट्री
  4. बीएससी इन फिजियोथेरेपी
  5. बीएससी इन रेडियोलॉजी
  6. बीएससी इन पैथलॉजी
  7. बीएससी इन जेनेटिक्स
  8. कार्डियोवस्कुलर टेक्नोलॉजिस्ट
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बिना नीट परीक्षा दिए चिकित्सा क्षेत्र में करिअर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
ये भी हैं विकल्प 
  1. बायोटेक्नोलॉजिस्ट 
  2. मनोवैज्ञानिक
  3. मेडिकल इंजीनियर
  4. ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट
  5. रेस्पिरेटरी थेरेपिस्ट
  6. पैरामेडिकल कोर्स
  7. इमरजेंसी मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट (पैरामेडिक) 
  8. इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (बेसिक)
  9. एंडोस्कोपी और लैप्रोस्कोपी टेक्नोलॉजिस्ट
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