दक्षिण और उत्तर कोरिया के तत्कालीन नेता
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इस प्रकार कोरियाई प्रायद्वीप के दो टुकड़े हो गए। लेकिन 20वीं सदी का यह विभाजन आज भी दुनिया के लिए बड़े विवाद के रूप में कायम है। इसके बाद उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया में लोकतंत्र और साम्यवाद के बीच लेकर संघर्ष शुरू हुआ।
आजादी के दो साल बाद ही कोरियाई युद्ध
- चुनावों के दो साल बाद ही 1950 में कोरियाई युद्ध (1950-53) का आगाज हो गया।
- 25 जून, 1950 को उत्तरी कोरिया ने दक्षिणी कोरिया पर आक्रमण कर दिया।
- भीषण संघर्ष में दक्षिण कोरिया का एक बड़ा हिस्सा उत्तर कोरिया ने कब्जा लिया।
- इसे यह शीत युद्ध काल में लड़ा गया सबसे पहला और सबसे बड़ा युद्ध कहा जाता है।
- इसमें सैनिकों समेत करीब चार लाख लोगों की जान गई और इतने ही घायल हुए होंगे।
जब अमेरिका और चीन में हुई तनातनी
इस युद्ध में जब दक्षिण कोरिया कमजोर पड़ा तो अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव पारित कराया और मदद के लिए 15 अन्य देश दक्षिण कोरिया के साथ आ गए। जबकि दूसरी ओर उत्तर कोरिया के साथ सोवियत रूस और चीन की सेनाएं थीं। अमेरिका के सहयोग से दक्षिण कोरिया ने अपना थोड़ा हिस्सा को वापस पा लिया, मगर उस दौरान अमेरिका और चीन में तनातनी हो गई थी। खैर, अंतरराष्ट्रीय दबाव और भारत जैसे गुट निरपेक्ष देशों के हस्तक्षेप से 1953 में यह युद्ध समाप्त हो गया।