Indian Parliament
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संसद
भारतीय संसद को देश के लोकतंत्र का मंदिर कहा जाता है। संसद के तीन अंग राष्ट्रपति, राज्यसभा और लोकसभा हैं। आजाद भारत में लोकसभा के पहले सत्र की शुरुआत 13 मई, 1952 को की गई थी। वहीं, 16 मई, 1952 को देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने सदन को संबोधित किया था। उस वर्ष पहली बार लोकसभा में सांसद आम जनता द्वारा सीधे तौर पर निर्वाचित हो कर पहुंचे थे। आजाद भारत के इतिहास का यह एक सुनहरा दिन था, क्योंकि देश के विकास और मजबूती की ओर कदम बढ़ाने का कार्य शुरू हुआ था। आज जब देश अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है तो इतने वर्षों में भारत की संसद ने कई बड़े फैसले किए और बिल पारित किए हैं, जिन्होंने इस देश और समाज के विकास में अहम योगदान दिया है।