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MS Dhoni के जन्मदिन पर उनके स्कूल प्रिंसिपल ने खोले राज, बचपन में ऐसे थे माही

Sun, 07 Jul 2019 04:30 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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ms dhoni - फोटो : amar ujala
आज पूरा देश धोनी को उनके जन्मदिवस पर बधाईयां दे रहा है। उनके करियर, लाइफ से जुड़े ऐसे न जाने कितने किस्से होंगे, जिसे आपने सुना या पढ़ा होगा। यहां हम आपको उनकी स्कूल लाइफ से जुड़े कुछ अनकहे किस्सों से रूबरू करा रहे हैं, जिसके बारे में ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं। 
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जेवीएम श्यामली के पूर्व प्राचार्य एके सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में महेंद्र सिंह धोनी के स्कूल लाइफ की कई अनसुनी बातें बताईं। जब धोनी पढ़ाई कर रहे थे, तब एके सिंह उस स्कूल के वाइस प्रिंसिपल थे। उन्होंने धोनी और उनके जीवन को काफी करीब से देखा है। आइए जानते हैं कि टीम इंडिया के कैप्टन कूल आखिर अपनी स्कूल लाइफ में कैसे थे...
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बता दें कि धोनी ने रांची (झारखंड) के जवाहर विद्या मंदिर (JVM) श्यामली से नर्सरी से 12वीं (कॉमर्स) तक की पढ़ाई पूरी की है। पहले इस स्कूल का नाम डीएवी जवाहर विद्या मंदिर था। 1999 में उन्होंने 12वीं कक्षा पास की। स्कूल में माही कहे जाने वाले धोनी बेहद शांत स्वभाव के थे।

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धोनी का शुरू से ही स्पोर्ट में ज्यादा रुझान था, इसलिए स्कूल में भी ज्यादा समय स्पोर्ट्स को देते थे। हमेशा बड़ों का सम्मान करना और खुद से पहले दूसरों की परवाह करना उन्हें बखूबी आता था। स्कूल में भी सब उन्हें प्यार से माही ही बुलाते थे। खेल के दौरान माही इतने कूल रहते थे कि चाहे खेल उनके पक्ष में हो या न हो उनके माथे पर कभी शिकन नहीं आती थी। 
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एके सिंह ने एक कहानी बताते हुए कहा कि रांची के हरमू मैदान में एक स्कूल मैच हुआ था। उसमें माही ने डबल सेंच्यूरी मारी थी। इसी के साथ ये मैच जेवीएम स्कूल के इतिहास का सबसे यादगार खेल बन गया था।  
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लेकिन ऐसा नहीं है कि धोनी का हर खेला शानदार ही रहा। ऐसा भी हुआ जब स्कूल के ही एक मैच में धोनी अच्छा नहीं कर पाये थे। तब सब दुखी थे, लेकिन धोनी बहुत परेशान नहीं दिखे। शायद धोनी को यकीन था कि आज भले ही उनका न हुआ हो, पर कल उनका जरूर होगा। ऐसा हुआ भी।
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एम एस धोनी - फोटो : social Media
खेल में रुझान रखने के साथ-साथ धोनी स्कूल के सभी बच्चों में सबसे ज्यादा अनुशासन प्रिय थे। स्कूल के क्लासेज में उन्होंने कभी टॉप नहीं किया। लेकिन क्रिकेट की दुनिया में अपने देश को टॉप पर जरूर पहुंचा दिया। धोनी का कूल स्वभाव हमेशा लोगों को उनकी तरफ आकर्षित करता रहा। यही बात उन्हें सबसे जुदा करती है।
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धोनी - फोटो : अमर उजाला
आज भी जब कभी धोनी अपने पुराने शिक्षकों से मिलते हैं, तो उन्हें प्रणाम कर सम्मान देना नहीं भूलते। पुराने दोस्तों से भी वह उतनी ही गर्मजोशी से मिलते हैं। शायद इसलिए धोनी सबके चहेते हैं।
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