फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यरुशलम: यहूदी, इस्लाम और ईसाई धर्म की आस्था का केंद्र, जानिए क्या है इसका ऐतिहासिक महत्व

Fri, 14 May 2021 11:24 AM IST
वर्तिका तोलानी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

यरुशलम को ईसाई, इस्लाम और यहूदी - तीनों ही धर्मों में सबसे खास स्थल माना जाता है। पैगंबर हजरत इब्राहीम को अपने इतिहास से जोड़ने वाले तीनों धर्म इसे अपना सबसे पवित्र स्थान मानते हैं।
विज्ञापन
1 of 4
यरुशलम - फोटो : सोशल मीडिया

इस्राइल-फिलिस्तीन के मौजूदा संघर्ष में सबसे विवादित मुद्दा यरुशलम है। गत हफ्तों से इस शहर में फिलिस्तीन प्रदर्शनकारियों और इस्रायल के सुरक्षाबलों के बीच संघर्ष जारी है। यह शहर को ईसाई, इस्लाम और यहूदी - तीनों ही धर्मों में सबसे खास स्थल माना जाता है। पैगंबर हजरत इब्राहीम को अपने इतिहास से जोड़ने वाले तीनों धर्म इसे अपना सबसे पवित्र स्थान मानते हैं। किलेनुमा सुरक्षा दीवार से विभाजित इस शहर में ईसाई, इस्लामी, यहूदी और अर्मेनियाई धर्म के लोग रहते हैं। आइए जानते हैं ईसाई के ‘द चर्च ऑफ द होली सेपल्कर’, इस्लाम के मस्जिद अल अक्सा और यहूदी के ‘द होली ऑफ द होलीज’ के इतिहास की कहानी। 

विज्ञापन

द चर्च ऑफ द होली सेपल्कर

2 of 4
द चर्च ऑफ द होली सेपल्कर - फोटो : सोशल मीडिया

ईसाई इलाके में स्थित ‘द चर्च ऑफ द होली सेपल्कर’ दुनियाभर के ईसाइयों के लिए सबसे पवित्र स्थान है। इसे ‘हिल ऑफ द केलवेरी’ भी कहा जाता है। यही वो स्थान है जहां ईसा मसीह की मौत हुई थी। दातर ईसाई परंपराओं के अनुसार इसी जगह ईसा मसीह को गोलागोथा पर सूली पर चढ़ाया गया था। उनका मकबरा ‘हिल ऑफ द केलवेरी’ के भीतर ही रखा गया है। माना जाता है कि ईसा मसीह यहीं से वो अवतरित हुए थे। प्रत्येक वर्ष दुनियाभर से करोड़ों ईसाई यहां ईसा मसीह के मकबरे पर आकर पश्चाताप और प्रार्थना करते हैं।

विज्ञापन

अल अक्सा मस्जिद

3 of 4
अल अक्सा मस्जिद - फोटो : सोशल मीडिया

चारों इलाकों में मुसलमानें का इलाका सबसे बड़ा है। यहां पठार (मुस्लिम हरम अल शरीफ) पर डोम ऑफ द रॉक और मस्जिद अल अक्सा स्थित है। यरुशलम  मुस्लिमों का तीसरा सबसे पवित्र स्थल माना जाता है। वहीं पहला पवित्र स्थल मक्का और दूसरा मदीना माना जाता है। इसका प्रबंधन वक्फ, एक इस्लामिक ट्रस्ट करती है। मान्यता है कि पैगंबर मोहम्मद ने मक्का से यरुशलम तक एक दिन में अपनी यात्रा पूरी की थी और यहां आत्माओं के साथ चर्चा की थी। वहीं डोम ऑफ द रॉक के बारे में कहा जाता है कि पैगंबर मोहम्मद ने यहीं से जन्नत की यात्रा की थी। 

विज्ञापन

द होली ऑफ द होलीज

4 of 4
द होली ऑफ द होलीज - फोटो : सोशल मीडिया

यहूदियों का सबसे पवित्र स्थान द होली ऑफ द होलीज है। यहूदियों का मानना है कि यहीं से विश्व का निर्माण हुआ था। यहीं पर पैगंबर इब्राहिम ने अल्लाह तआला के कहने पर अपने बेटे इसहाक की बलि देने की तैयारी की थी। वर्तमान में यहूदियों के इलाके में वॉल ऑफ दा माउंट का बचा हुआ हिस्सा यानी पश्चिमी दीवार है। माना जाता है कि यहूदियों का पवित्र मंदिर का निर्माण इसी स्थान पर हुआ था और इसी स्थान के अंदर द होली ऑफ द होलीज था। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें