हिंदी पर विवाद
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फैसला क्षेत्रीय भाषाओं के लिए हानिकारक होगा
ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन, नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन, मणिपुर छात्र संघ और अखिल अरुणाचल प्रदेश छात्र संघ सहित अन्य संगठनों के समूह ने कहा कि पूर्वोत्तर में प्रत्येक राज्य की अपनी अनूठी और विविध भाषाएं हैं, जो विभिन्न जातीय समूहों द्वारा बोली जाती हैं, जिनमें इंडो-आर्यन से लेकर तिब्बती-बर्मन से लेकर ऑस्ट्रो-एशियाटिक परिवार शामिल हैं। इस क्षेत्र में हिंदी को एक अनिवार्य विषय के रूप में लागू करना न केवल क्षेत्रीय भाषाओं के प्रचार-प्रसार के लिए हानिकारक होगा, बल्कि उन छात्रों के लिए भी हानिकारक होगा जिनके सिलेबस में एक और अनिवार्य विषय जोड़ दिया जाएगा।