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Holi 2025: अपनी कक्षा में सुनाएं होलिका दहन पर ये आसान निबंध, सहपाठियों को बताएं इस त्योहार का महत्व

Mon, 10 Mar 2025 02:53 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Holi 2025: बहुत से स्कूलों में होली पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। अगर आपने भी इस प्रतियोगिता में भाग लिया है, तो यहां दिए लेख की मदद से अपना निबंध आसानी से तैयार कर सकते हैं।
 
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Holika Dahan 2025 - फोटो : Adobe Stock (Edited: AU Graphics)
Holika Dahan 2025 Essay In Hindi: होली हर्ष और उल्लास का त्योहार है, जिसे हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस त्योहार का मुख्य आकर्षण होलिका दहन है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इसे देशभर में छोटी होली के रूप में भी जाना जाता है। इस प्राचीन परंपरा के पीछे एक पौराणिक कथा है, जो हमें सच्चाई और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
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Holika Dahan 2025 - फोटो : Adobe Stock

होलिका दहन क्यों मनाया जाता है?

होलिका दहन की परंपरा की जड़ें हिंदू पुराणों में मिलती हैं। कथा के अनुसार, प्राचीन काल में हिरण्यकशिपु नामक एक अहंकारी राजा था, जो खुद को ईश्वर मानता था। उसने अपने राज्य में भगवान विष्णु की पूजा करने पर पाबंदी लगा दी थी। लेकिन उसका पुत्र प्रहलाद विष्णु का परम भक्त था और उसने अपने पिता की आज्ञा मानने से इंकार कर दिया।
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Holika Dahan 2025 - फोटो : Adobe Stock

अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है होलिका दहन

हिरण्यकशिपु ने प्रहलाद को मारने के कई प्रयास किए, लेकिन हर बार विष्णु भगवान ने उसकी रक्षा की। आखिरकार, उसने अपनी बहन होलिका से मदद मांगी, जिसे वरदान था कि आग उसे जला नहीं सकती। योजना के अनुसार, होलिका प्रहलाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठ गई, लेकिन भगवान की कृपा से प्रहलाद सुरक्षित बच गया और होलिका जलकर भस्म हो गई। इस घटना को अच्छाई की जीत के रूप में देखा जाता है और तभी से होलिका दहन की परंपरा शुरू हुई।

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Holika Dahan 2025 - फोटो : Adobe Stock

होलिका दहन का महत्व

होलिका दहन केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि इसका वैज्ञानिक महत्व भी है। इस समय मौसम परिवर्तनशील होता है और कई प्रकार के हानिकारक जीवाणु वातावरण में सक्रिय हो जाते हैं। होलिका दहन से उत्पन्न गर्मी इन जीवाणुओं को नष्ट करने में सहायक होती है। कई लोग इस अग्नि की राख को अपने शरीर पर लगाते हैं, जिससे वे स्वस्थ रहते हैं। सामाजिक रूप से भी यह पर्व महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमें सिखाता है कि अहंकार और अन्याय का अंत निश्चित है, जबकि सच्चाई और अच्छाई की हमेशा जीत होती है।
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Holika Dahan 2025 - फोटो : Adobe Stock

होलिका दहन का आयोजन कैसे किया जाता है?

  • होलिका दहन के लिए पहले लकड़ियों और गोबर के उपले इकट्ठे किए जाते हैं।
  • फिर पूजा करके इसमें अग्नि प्रज्वलित की जाती है।
  • इस दौरान परिवार और समाज के लोग मिलकर बुराइयों को त्यागने और प्रेमभाव बढ़ाने की प्रतिज्ञा लेते हैं।
  • लोग होलिका की परिक्रमा करते हैं और अर्पित किए गए नारियल, गेहूं और अन्य सामग्री को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं।
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