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इतिहास : रॉयल इंडियन एयर फोर्स से भारतीय वायुसेना बनने तक का सफर

Sun, 04 Apr 2021 07:50 PM IST
वर्तिका तोलानी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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भारतीय वायुसेना का सफर - फोटो : आईएएफ ट्विटर

भारतीय वायुसेना दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर वायुसेना है। बुधवार को फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमानों की चौथी खेप के तहत तीन राफेल विमान भारत पहुंचें। इसी कड़ी में अप्रैल माह के अंत तक भारत को 7 अन्य राफेल लड़ाकू विमान भी मिल जाएंगे। इन दस विमानों की वजह से भारतीय वायुसेना की ताकत में और इजाफा हो गया है। लेकिन क्या आपको पता है भारतीय वायु सेना भारतीय सशस्त्र सेनाओं का सबसे नया अंग है, जिसकी स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को भारतीय विधायिका द्वारा भारतीय वायु सेना विधेयक पारित कर ब्रिटिश राज की सहायक वायु सेना के तौर पर की गई थी। तब यह रॉयल इंडियन एयरफोर्स के नाम से जाना जाता था। आजादी के बाद इसमें से ‘रॉयल’ शब्द हटाकर भारतीय वायुसेना कर दिया गया। आज हम आपको रॉयल इंडियन एयरफोर्स से भारतीय वायुसेना तक के सफर के बारे में बताने जा रहे हैं। पढ़िए...

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भारतीय वायुसेना का सफर - फोटो : आईएएफ ट्विटर

पांच पायलट से हुई थी नंबर 1 स्क्वाड्रन भारतीय वायुसेना की शुरुआत

पहले हवाई दस्ते का गठन 1 अप्रैल 1933 को हुआ था। इसमें छह रॉयल एयर फोर्स प्रशिक्षित अधिकारी, 19 हवाई सिपाही और चार वेस्टलैंड वापति आईआईए सैन्य सहयोग विमान थे। साथ ही पांच पायलट - हरीश चंद्र सरकार, सुब्रतो मुखर्जी, भूपेंद्र सिंह, आजाद बक्श अवान और अमरजीत सिंह भी थे। द्वितीय विश्व युद्ध के शुरू होने पर नंबर 1 स्क्वाड्रन भारतीय वायु सेना का एकमात्र संगठन था, जिसमें 16 अधिकारी और 662 सैनिक थे। लेकिन 1944 के अंत तक आते-आते भारतीय वायुसेना में नौ स्क्वाड्रन बन चुके थे।

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भारतीय वायुसेना का सफर - फोटो : आईएएफ ट्विटर

इस वजह से भारतीय वायुसेना का नाम रॉयल इंडियन एयरफोर्स रखा गया  

भारतीय वायुसेना ने द्वितीय विश्व में बर्मा और थाईलैंड में स्थित जापान के एयरबेस ठिकानों पर हमलों में अहम भूमिका निभाई थी। द्वितीय विश्व युद्ध में भारतीय वायुसेना के प्रशंसनीय योगदान को देखते हुए मार्च 1945 में किंग जॉर्ज - XI ने भारतीय वायुसेना के नाम के आगे रॉयल शब्द जोड़ दिया था। जिसके बाद से यह रॉयल इंडियन एयरफोर्स के नाम से जाना गया।    

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भारतीय वायुसेना का सफर - फोटो : आईएएफ ट्विटर

आजादी के 3 साल बाद बदला भारतीय वायुसेना का नाम

विभाजन के दौरान रॉयल इंडियन एयरफोर्स की संपत्ति को भारत और पाकिस्तान के बीच विभाजित कर दिया गया। 1950 तक भारतीय वायुसेना को रॉयल एयर फोर्स के नाम से ही जाना गया। लेकिन जनवरी 1950 में ब्रिटिश राष्ट्रकुल के अंतर्गत भारत के गणतंत्र बनने पर रॉयल एयरफोर्स के आगे से रॉयल उपसर्ग हटाकर इंडियन एयरफोर्स या भारतीय वायुसेना कर दिया गया। उस समय भारतीय वायुसेना के पास स्पिटफायर, वैंपायर और टेंपेस्ट के छह लड़ाकू स्क्वाड्रन थे। वहीं 71 साल बाद अब भारतीय वायुसेना के पास राफेल, तेजस, सुखोई और ग्लोबमास्टर जैसे अत्याधुनिक विमान हैं। 

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