फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CBSE CISCE Term 1 Exams 2022: सुप्रीम कोर्ट पहुंचे सीबीएसई, सीआईएससीई छात्र, परीक्षा को लेकर की ये बड़ी मांग

Thu, 11 Nov 2021 10:03 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

CBSE CISCE Term 1 Exams 2022: दोनों राष्ट्रीय बोर्ड - सीबीएसई और सीआईएससीई ने ऑफलाइन मोड में टर्म 1 बोर्ड परीक्षा आयोजित करने का निर्णय किया है। जबकि  छह छात्रों के समूह ने सुप्रीम कोर्ट का रुख कर आगामी बोर्ड परीक्षा 2022 को ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में लेने का विकल्प मांगा है।
विज्ञापन
1 of 4
सुप्रीम कोर्ट में बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सुनवाई - फोटो : पीटीआई
सीबीएसई और सीआईएससीई की कक्षा 10वीं और 12वीं की टर्म-1 बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली है और इनकी पूरी तैयारियां भी हो चुकी हैं। ऐसे में छात्रों के एक समूह द्वारा सुप्रीम कोर्ट में सीबीएसई और सीआईएससीई की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर याचिका दायर की गई है। याचिका में परीक्षाओं को ऑनलाइन मोड में कराने का आग्रह किया गया है। छह छात्रों के समूह ने सुप्रीम कोर्ट का रुख कर आगामी बोर्ड परीक्षा 2022 को हाइब्रिड मोड में लेने का विकल्प मांगा है। वर्तमान में, दोनों राष्ट्रीय बोर्ड - सीबीएसई और सीआईएससीई ने ऑफलाइन मोड में टर्म 1 बोर्ड परीक्षा आयोजित करने का निर्णय किया है। जबकि CISCE ने पहले छात्रों को ऑफलाइन या ऑनलाइन मोड में टर्म 1 बोर्ड परीक्षा देने का विकल्प दिया था, बाद में इसने यू-टर्न लिया और कहा कि यह केवल ऑफलाइन मोड में परीक्षा आयोजित करेगा।
विज्ञापन

2 of 4
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) - फोटो : Social media
शीर्ष अदालत से तत्काल निर्देश देने की मांग
अब, एक रिट याचिका दायर की गई है जिसमें सीबीएसई और सीआईएससीई दोनों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के लिए शीर्ष अदालत से तत्काल निर्देश देने की मांग की गई है। छात्रों की मांग है कि चूंकि देश में फिर से COVID-19 मामलों में तेज वृद्धि हुई है, इसलिए ऑनलाइन मोड में परीक्षा देने का विकल्प होना चाहिए। याचिका एडवोकेट सुमंत नुकाला ने दायर की है। इस बार से दोनों बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षा दो बार आयोजित करेंगे। दोनों बोर्ड परीक्षाएं नवंबर में शुरू होंगी।
विज्ञापन

3 of 4
cisce - फोटो : Social Media
परीक्षा के सुपर स्प्रेडर बनने की आशंका
छात्रों का दावा है कि ऑफलाइन परीक्षाओं के माध्यम से संपर्क से COVID-19 संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। परीक्षार्थियों को डर है कि परीक्षा कोरोना वायरस संक्रमण के लिहाज से एक "सुपर स्प्रेडर" घटना हो सकती है। याचिकाकर्ता ने आगे कहा कि बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले छात्रों की आयु 18 वर्ष से कम है और इसलिए उन्हें कोरोना का टीका नहीं लगाया जा सका है।
विज्ञापन

4 of 4
Board Exam 2022 - फोटो : फ्रीपिक
सोशल मीडिया पर हैशटेग
हालांकि, सीबीएसई दोनों और सीआईएससीई ने पहले ही सूचित कर दिया है कि वे COVID-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच परीक्षा आयोजित करेंगे। छात्रों, कार्यकर्ताओं और अभिभावकों के हितधारकों के लिए आश्वासन पर्याप्त नहीं लगता है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी चिंताओं को उठा रहे हैं ताकि टर्म-1 परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की जा सके या कम से कम उन्हें ऑनलाइन और ऑफलाइन का विकल्प दिया जा सके। उन्होंने ट्विटर पर हैशटैग #MakeTerm1Online और #MakeTerm1Hybrid के साथ अपनी मांगों को रखा है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें