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UPSC परीक्षा पास किए बिना आप बन सकते हैं सरकारी महकमे में बड़ा अफसर, 2 लाख से ज्यादा मिलेगी सैलरी

Thu, 14 Jun 2018 01:49 PM IST
बीबीसी हिंदी
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केंद्र की मोदी सरकार अब बिना यूपीएससी पास किए ही 'योग्य' लोगों को बड़े अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपने जा रही है। नए बदलाव के बाद न सिर्फ सरकारी, बल्कि निजी कंपनियों में काम करने वाले भी मंत्रालय के बड़े और अहम पदों पर बैठ सकेंगे। सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक इन लोगों की नियुक्ति मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर की जाएगी। विभाग ने दस मंत्रालयों में संयुक्त सचिव के लिए आवेदन मांगे हैं। इस नई चयन प्रक्रिया को 'लैटरल एंट्री' नाम दिया गया है।
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सरकार का मकसद
सरकार ने यह बदलाव क्यों किया? इसका मकसद नोटिफिकेशन में बताया गया है। सरकार इसके जरिए प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नए दृष्टिकोण और विचारों को लाना चाहती है। इसके लिए उन्होंने उन लोगों से आवेदन आमंत्रित किया है, जिन्हें उस खास क्षेत्र में दक्षता हासिल है। जॉइन्ट सेक्रेटरी का काम विभाग में प्रबंधन देखना होता है। वे नीति बनाने के साथ-साथ विभाग के अलग-अलग कार्यक्रमों और योजनाओं को लागू करने का काम करेंगे।
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upsc
कौन कर सकता है आवेदन ?
नोटिफिकेशन के मुताबिक इस पद के लिए राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारी, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई और स्वायत्त संस्थानों के पेशेवर आवेदन कर सकते हैं। इस पद के लिए वे लोग भी योग्य माने जाएंगे जो निजी क्षेत्र, अंतरराष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम करते हैं। सरकारी पदों के अधिकारियों का यदि चयन होता है तो वे डेप्युटेशन पर नियुक्त किए जाएंगे। वहीं, निजी क्षेत्र के पेशेवरों को तीन साल के अनुबंध पर रखा जाएगा। इन्हें नियमित सरकारी कर्मचारी की तरह वेतन दिया जाएगा। पे-स्केल 1,44,200-2,18,200 रुपये होगा। उन्हें पद पर दिए जाने वाली सभी अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलेंगी। अनुबंध तीन साल का होगा। प्रदर्शन अच्छा रहा तो इसे बढाकर पांच साल किया जाएगा।

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अन्य योग्ताएं
न्यूनतम उम्र 40 साल होनी चाहिए (01 जुलाई, 2018 को)
ग्रेजुएट, अन्य शैक्षणिक डिग्री को तरजीह दी जाएगी
संबंधित क्षेत्र में कम से कम 15 साल का अनुभव होना चाहिए।
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किन मंत्रालयों और विभाग में होगी इनकी नियुक्ति
राजस्व विभाग
वित्तीय सेवा विभाग
आर्थिक कार्य विभाग
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
सडक परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय
जहाज रानी मंत्रालय
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
नागर विमानन मंत्रालय
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
क्या पहली बार ऐसा हो रहा है?
बिल्कुल नहीं। पहले भी इस तरह के फैसले लिए गए हैं लेकिन ये सचिव पद के लिए थे। इसके तहत लवराज कुमार पेट्रोलियम सचिव नियुक्त किए गए थे। वहीं, मोंटेक सिंह अहलूवालिया भी सचिव बनाए गए थे। इससे पहले वो वर्ल्ड बैंक के साथ जुड़े थे। विजय एल केलकर की नियुक्ति भी इसी तहत से हुई थी।
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विरोध के स्वर
सरकार के इस फैसले को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि यह पूरी तरह निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।सोशल मीडिया पर विभिन्न राजनीतिक दलों से लेकर आम लोग तक इसे गलत ठहरा रहे हैं। कांग्रेस ने एक लिंक ट्वीट कर सवाल किया है, 'क्या लैटरल एंट्री के नाम पर मोदी सरकार उच्च पदों पर आरएसएस के लोगों और निजी कंपनियों वाले दोस्तों के करीबियों को भरने की तैयारी में हैं?'

दिलीप मंडल ने फेसबुक पर लिखा है, 'केंद्र सरकार में नीति बनाने वाले उच्च पदों पर पहली बार बिना आरक्षण और बिना परीक्षा की हो रही नियुक्ति से देशहित को गंभीर खतरा है।'
उन्होंने आगे लिखा है कि इस तरह की नियुक्ति से विदेशी कंपनियों को फायदा मिलेगा। वो सरकार में बैठकर काम करेंगे, अपनी निजी कंपनी के लिए सरकारी नीतियां बनाएंगे और बाद में विदेश लौट जाएंगे।
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Arvind Panagariya
पक्ष में स्वर
सरकार के फैसले का स्वागत भी किया जा रहा है। जहां सत्ता पक्ष के नेता इसे प्रोफेशनलिज्म को बढ़ावा देने वाला कदम बता रहे हैं, वहीं कुछ पूर्व अधिकारी भी इसे सकारात्मक बदलाव बता रहे हैं। कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि यह बेहतर करने का प्रयास है। यह सभी नागरिकों को क्षमता के आधार पर बेहतरी का उचित मौका उपलब्ध कराएगा।

नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने ट्वीट किया है, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह फैसला बड़ा सुधार है। उम्मीद है कि दक्ष लोग सेवा के लिए आगे आएंगे।'

योगेंद्र नारायण, पूर्व रक्षा सचिव का कहना है कि, मेरी राय में ये एक बहुत अच्छा कदम है। जो प्रतिभा सरकार से बाहर है, उसे एक मौका मिलेगा। देश की बेहतरी में अपनी विशेषता का उपयोग करने का मौका मिलेगा। पहले फैसले एक कमरे में बाहरी रिपोर्ट के आधार पर लिया जाता था। अब विशेषज्ञ व्यावहारिक फैसले ले पाएंगे।
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