शिवांगी यादव
98.2 फीसदी के साथ वाराणसी की सेकेंड टॉपर शिवांगी यादव ने कहा कि कोई स्ट्रिक्ट टाइमटेबल नहीं था। टाइमटेबल से पढ़ाई में सहूलियत से ज्यादा दबाव होता है इसलिए मैंने कभी टाइमटेबल नहीं बनाया। हां, ये जरूर है कि सोने से पहले अगले दिन क्या पढ़ना है, ये जरूर निर्धारित करती थी और मेरी सफलता के पीछे इसने ज्यादा काम किया। सेकेंड टॉपर शिवांगी फिलहाल आईआईटी जेईई क्रैक करना चाहती हैं।