फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Career in Law : कोर्ट रूम से लेकर कॉर्पोरेट व मीडिया तक डिमांड में हैं लॉयर्स

Tue, 29 Dec 2020 02:38 PM IST
Devesh Devesh एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

  • 78% रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स पैन्डेमिक के बावजूद अपीयर हुए क्लैट में
  • 75,183 स्टूडेंट्स ने किया था क्लैट 2020 के लिए रजिस्ट्रेशन
विज्ञापन
1 of 6
कॉर्पोरेट लॉयर - फोटो : अमर उजाला
महात्मा गांधी से लेकर बराक ओबामा तक लॉ में करियर को तरक्की का आधार बनाने वालों की सूची लंबी है। हालांकि, अब यह प्रोफेशन काले कोट और कोर्ट रूम के पारंपरिक आकर्षण से बहुत आगे बढ़ चुका है और आलीशान कॉर्पोरेट ऑफिसेज से लेकर मीडिया व मूवीज तक में काम के आधुनिक अवसरों के साथ युवाओं के लिए करियर के नए दरवाजे खोल रहा है। यही वजह है कि मेडिसिन, इंजीनियरिंग और एमबीए जैसे फील्ड्स की लोकप्रियता के बीच भी यह अपना आकर्षण बनाए रखने में कामयाब रहा है।
विज्ञापन

2 of 6
श्रम कानून - फोटो : social media
देश की 22 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए आयोजित किए जाने वाले कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) में हर वर्ष स्टूडेंट्स के बीच होने वाला कड़ा कॉम्पिटीशन इसी तरफ इशारा करता है। विभिन्न इंस्टीट्यूशंस भी स्टूडेंट्स को अब नए कोर्सेज उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर लॉ फर्म्स व कंपनीज भी इन्हें जॉब्स की अपॉर्च्युनिटीज दे रही हैं। जानिए ऐसे ही कुछ स्पेशलाइजेशंस के बारे में जो स्टूडेंट्स की नई पसंद बन रहे हैं।
विज्ञापन

3 of 6
cyber crime
साइबर लॉयर्स होते हैं लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के जानकार
साइबर लॉ के बारे में कहा जाता है कि यह क्षेत्र पूरे लीगल डोमेन से भी बड़ा है। दरअसल, इंटरनेट की पहुंच में विस्तार के साथ ही कई ऐसे जोखिम भी सामने आए हैं, जिन्हें मैनेज करने की जरूरत दुनियाभर में महसूस की जा रही है। इसी कड़ी में कई लोगों, कंपनीज व सरकारों को नियमित तौर पर साइबर क्राइम्स से जूझना पड़ता है। यह फील्ड लॉ के अन्य स्पेशलाइजेशंस से अलग इस मायने में है कि यहां आपको कानून के साथ नवीनतम तकनीक का जानकार भी बनना होगा। क्रिप्टोकरंसी, साइबर सिक्योरिटी जैसे टॉपिक्स का नॉलेज भी आपके पास होना जरूरी है। 
इंस्टीट्यूट्स:
  • एशियन स्कूल ऑफ साइबर लॉज 
  • नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी, भोपाल

4 of 6
corporate lawyer
मल्टीनेशनल्स को गाइडेंस देते हैं कॉर्पोरेट लॉयर
कॉर्पोरेट लॉयर का कामकाज विशाल कंपनीज व ऑर्गनाइजेशंस से जुड़ा होता है। इनकी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करने की होती है कि कंपनी के सभी कमर्शियल ट्रांजेक्शंस पूरी तरह से कानूनी हों। कानूनी मामलों में ये कंपनी का प्रतिनिधित्व करते हैं और विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय के जरिये ऑर्गनाइजेशन को उसके कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों व जिम्मेदारियों के बारे में गाइड भी करते हैं। इसके अलावा अगर कंपनी को किसी विवाद का सामना करना पड़ता है तो कॉर्पोरेट लॉयर्स ही उसकी मदद करते हैं। 
इंस्टीट्यूट्स :
  • सिम्बायोसिस लॉ स्कूल
  • आईएलएस लॉ कॉलेज
विज्ञापन

5 of 6
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
पेटेंट्स व ट्रेडमार्क्स के विशेषज्ञ होते हैं आईपी लॉयर्स : 
इनका काम इंटेलेक्चुअल व क्रिएटिव इनोवेशंस से संबंधित कानूनी अधिकारों से जुड़ा हुआ है। ये इनोवेटर्स, क्रिएटिव आर्टिस्ट्स व ऑर्गेनाइजेशंस की उनके इनवेंशंस से आर्थिक लाभ कमाने की स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं। इन्हें कॉपीराइट्स, पेटेंट्स, ट्रेडमार्क्स, डुप्लिकेशन, ट्रेड सीक्रेट जैसे क्षेत्रों की गहरी जानकारी होनी चाहिए। 
इंस्टीट्यूट्स :
  • जीएनए पेटेंट गुरुकुल
  • उस्मानिया यूनिवर्सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : A
छोटी होती दुनिया ने बनाया इमिग्रेशन लॉयर्स को जरूरी
ग्लोबलाइजेशन के इस दौर में इमिग्रेशन लॉयर्स की जरूरत में इजाफा हुआ है। ये अपने क्लाइंट्स के लिए विभिन्न मुद्दे संभालते हैं जिनमें नागरिकता पाना, डिपोर्टेशन के विरुद्ध पैरवी करना, इमिग्रेंट या रेजिडेंट वीजा पाना शामिल है। इन्हें देश में विदेशियों को आने की अनुमति देने व उनकी यात्रा की अवधि और उद्देश्य से जुड़े कानूनों की जानकारी होनी जरूरी है।
इंस्टीट्यूट :
  • आईसीएफएआई लॉ स्कूल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें