रविंद्रन की पढ़ाई गांव में हुई। गांव में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद मकैनिकल डिग्री हासिल की। उन्होंने अपनी नौकरी को काबिलियत से प्राप्त कर गांव का नाम रौशन किया था। नौकरी के साथ ही वे अपने दोस्तों की एमबीए प्रवेश परीक्षा की तैयारी में मदद करने लगे। जब इनका पढ़ाया लोगों को समझ आने लगा और नौकरी से ऊब गए तो उन्होंने कोचिंग शुरू कर दी।
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