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पुलवामा में शहीद हुए वीर सपूतों को कैंडल मार्च निकालकर किसानों ने दी श्रद्धांजलि, देखें तस्वीरें

Sun, 14 Feb 2021 10:17 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली के बॉर्डरों पर बैठे किसानों ने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को दी श्रद्धांजलि - फोटो : amar ujala
टीकरी बॉर्डर पर पुलवामा आतंकी हमले की दूसरी बरसी पर शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। किसानों ने देर शाम यहा पर कैंडल मार्च निकाल कर वीर सपूतों को याद किया। 14 फरवरी 2019 को पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। जबकि 70 अन्य जवान घायल हो गए थे। जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में घुसकर बालाकोट एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया था।

रविवार शाम को लगभग 6.30 बजे टीकरी बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कैंडल मार्च निकाला गया। सैकड़ो किसानों ने लगभग दो सौ मीटर तक कैंडल मार्च निकालकर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस कैंडल मार्च में भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों ने भी हिस्सा लिया। 
 
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दिल्ली के बॉर्डरों पर बैठे किसानों ने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को दी श्रद्धांजलि - फोटो : amar ujala
किसानों ने कहा कि देश की सेना में तैनात अधिकतर सिपाही देश के दूर-दराज बसे किसी गांव में पैदा हुआ होता है। जिनके माता-पिता ज्यादातर किसान होते हैं। इसलिये इस आंदोलन से किसानों के साथ-साथ देश के जवानों का भी गहरा रिश्ता है। लेकिन केंद्र सरकार के अधीन उनकी नौकरी होने के कारण वह खुलकर सरकार के खिलाफ खड़े नहीं हो रहे। यदि देश का जवान खुलकर किसान आंदोलन का समर्थन कर दे तो सरकार को उसके फैसलों से पीछे धकेलना आसान होगा।
 
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दिल्ली के बॉर्डरों पर बैठे किसानों ने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को दी श्रद्धांजलि - फोटो : amar ujala
वहीं गाजीपुर बॉर्डर पर भी पुलवामा हमले में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई। किसानों ने कहा कि देश की रक्षा के लिए सैनिकों ने अपने प्राण निछावर किए हैं। उनके बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। 

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दिल्ली के बॉर्डरों पर बैठे किसानों ने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को दी श्रद्धांजलि - फोटो : amar ujala
शहादत दिवस के दिन धरना स्थल के पास बने मंच का संचालन पूर्व सैनिकों ने किया। संचालन शुरू होने से पहले पूर्व सैनिकों और किसानों ने राष्ट्रगान भी गया। गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे पूर्व सैनिक गुरदीप सिंह ने कहा कि सैनिक सरहद पर खड़े होकर देश की रक्षा कर रहे हैं तो वही किसान दिल्ली की सीमाओं पर डट कर अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों से सभी लोगों को नुकसान होगा। सरकार को जल्द से जल्द कानूनों को वापस ले लेना चाहिए। सिंह ने मंच से किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि वह आंदोलन को इसी प्रकार चलाते रहें। एक न एक दिन उनकी समस्या का समाधान जरूर निकलेगा।
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दिल्ली के बॉर्डरों पर बैठे किसानों ने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को दी श्रद्धांजलि - फोटो : amar ujala
पूर्व सैनिक बैठे अनशन पर
किसान आंदोलन के 79 वें दिन रविवार को  मंच पर 13 पूर्व सैनिक अनशन पर बैठे। अनशन पर बैठने वाले सूबेदार मेजर जयप्रकाश मिश्रा, हरवेंद्र सिंह राणा, बोध नाथ मिश्रा, बलविंदर सिंह, चरनपाल सिंह, गुरदीप सिंह, चन्नण सिंह, सूबेदार गुरुचरण सिंह, अनुराग लठवाल, राजन भाष्कर, मणि देव चतुर्वेदी, दूरबीन यादव, देवराज पहलवान ने 24 घंटे का अनशन रखा।
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