फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीम हटा और इमारत गिरी: दो दुकानों को एक करने के लिए बनाया जा रहा था हॉल; दिल्ली के पीजी हादसे पर नया खुलासा

Wed, 09 Sep 2026 11:54 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए पीजी हादसे की जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। बेसमेंट में पानी के रिसाव की समस्या दूर करने के लिए मरम्मत चल रही थी। इसके अलावा हॉल बनाने के लिए दो दुकानों को एक किया जा रहा था। जैसे ही बीम हटाया तो हॉस्टल की इमारत ध्वस्त हो गई।
विज्ञापन
1 of 12
Delhi PG Building Collapse - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
देश की राजधानी दिल्ली में पांच मंजिला इमारत कैसे गिरी, इसकी वजह सामने आ गई है। जांच में यह बात सामने आई है कि इमारत में भूतल पर बनी दो दुकानों को एक करके हॉल बनाने का काम चल रहा था। जैसे ही बीमा को निकाला गया, इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इमारत हादसे में छात्रों समेत सात लोगों की मौत हुई है जबकि पांच लोग घायल हैं। पुलिस ने मामले में अब तक इमारत मालिक, पीजी संचालक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जांच जारी है। 

सत्य निकेतन स्थित पीजी इमारत के बेसमेंट में पानी के रिसाव (सीपेज) की पुरानी समस्या थी। इसके अलावा भूतल पर बनी दो दुकानों को एक करने के लिए हॉल बनाया जा रहा था। भूतल को किसी कैमिस्ट को किराये पर दे दिया गया था। दो दुकानों को एक करने के प्रयास में बीच का बीम हटा दिया गया जिस कारण इमारत जमींदोज हो गई। हालांकि इमारत के बेसमेंट को भर दिया गया था। दूसरी तरफ दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस ने दिल्ली सरकार व अन्य एजेंसियों को इलाके में स्थित इमारतों का तत्काल प्रभाव से सुरक्षा ऑडिट करने के लिए पत्र लिखा है।
विज्ञापन

2 of 12
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस अब उस ठेकेदार की तलाश कर रही है जो बेसमेंट में रिसाव की समस्या दूर करने के लिए मरम्मत का काम करा रहा था। सूत्रों ने बताया कि पुलिस उन परिस्थितियों की जांच कर रही है जिनमें यह काम कराया जा रहा था, और क्या इसके कारण कोई ढांचागत बदलाव हुआ जिससे भवन ढह गया।
 
विज्ञापन

3 of 12
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला
सत्य निकेतन में दशकों पुरानी यह इमारत लगभग 55 वर्ग मीटर में फैली थी और इसमें एक बेसमेंट तथा भूतल और चार ऊपरी मंजिलें थीं। बताया जाता रहा है कि प्रत्येक मंजिल पर दो कमरे थे और हर कमरे में दो बिस्तर थे। इस संरचना में खंभे और बीम नहीं थे।

4 of 12
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने इमारत की मालकिन 75 वर्षीय उर्मिला गुप्ता, वायु सेवा से सेवानिवृत्त 81 साल के उनके पति हरिराम गुप्ता और उनके बेटे महेश गुप्ता (52) को गिरफ्तार कर लिया है। शुरू में हरिराम को संपत्ति का मालिक माना जा रहा था, लेकिन पुलिस ने कहा कि दस्तावेज से पता चला है कि इमारत की मालकिन उर्मिला हैं, जबकि हरिराम और महेश कथित तौर पर पीजी का प्रबंधन संभालते थे।
 
विज्ञापन

5 of 12
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला
हॉस्टल डेज को लीज पर दिया हुआ था
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि कोर्ट ने आरोपी हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में और महेश को 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। जांच के दौरान महेश ने बताया कि वह अपने माता-पिता की ओर से बिल्डिंग के रखरखाव का काम देखता था। उन्होंने अगस्त 2025 में यह बिल्डिंग पीजी ऑपरेटर हॉस्टल डेज़ को लीज पर दी थी।
विज्ञापन

6 of 12
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला
बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था क्योंकि पिछले 8-10 दिनों से बारिश के मौसम में वहां कचरा जमा हो रहा था। ग्राउंड फ्लोर पर कमर्शियल इस्तेमाल के लिए जगह बढ़ाने का काम चल रहा था। उन्हें स्थानीय लोगों से बिल्डिंग गिरने की खबर मिली और वे अपने घर से भागकर राजस्थान के भिवाड़ी में अपने ससुराल चले गए। लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को यूपी के कासगंज से पकड़ लिया गया है और पूछताछ के लिए लाया जा रहा है।
विज्ञापन

7 of 12
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला
सैदुल्लाजाब में हादसे के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
सात सितंबर के आधिकारिक रिकॉर्ड से पता चला है कि भवन विभाग ने वार्ड 160 में मैदानगढ़ी, सैदुल्लाजाब और नेब सराय सहित अन्य क्षेत्रों की पांच आवासीय संपत्तियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, जबकि सैदुल्लाजाब में एक अन्य आवासीय संपत्ति को जर्जर होने की वजह से गिराने की कार्रवाई की गई है।
 

8 of 12
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला
सत्य निकेतन हादसे के बाद एमसीडी सख्त, 17 संपत्तियों पर चला बुलडोजर
सत्य निकेतन में इमारत ढहने के हादसे के बाद एमसीडी ने खतरनाक और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को सात संपत्तियों पर कार्रवाई के बाद मंगलवार को उसने 17 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की। वहीं, पांच संपत्तियां सील करने के साथ 15 के ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए। इन संपत्तियों में मानसून से पहले किए गए सर्वे में खतरनाक पाई गई संपत्तियां भी शामिल है।

9 of 12
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला
एमसीडी के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली के सभी 12 जोन में तोड़फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई गई। इसमें लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, कर्मपुरा, करोल बाग, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चांदनी चौक, नेहरू विहार समेत दूसरे इलाके भी शामिल हैं। इसमें अनधिकृत और नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों के खिलाफ कई स्तरों पर कार्रवाई की। 

10 of 12
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला
तोड़फोड़ के अलावा नौ संपत्तियों के संबंध में अनधिकृत निर्माण के शो-कॉज नोटिस जारी किए गए, जबकि सीलिंग कार्रवाई से जुड़े दो नोटिस भी दिए गए। एमसीडी ने केवल तोड़फोड़ और सीलिंग तक ही कदम सीमित नहीं रखा, बल्कि 15 संपत्तियों के ध्वस्तीकरण आदेश जारी कर आगे की कार्रवाई का आधार भी तैयार किया है।

11 of 12
दिल्ली में पांच मंजिला इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला
सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में भवन सुरक्षा और एमसीडी की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इसके बाद खतरनाक भवनों की पहचान और अनधिकृत निर्माण पर कार्रवाई को लेकर एमसीडी पर दबाव बढ़ा है। मंगलवार को हुई कार्रवाई इसी बढ़ी सक्रियता का संकेत मानी जा रही है।
विज्ञापन

12 of 12
दिल्ली में इमारत गिरी, बचाव कार्य जारी - फोटो : अमर उजाला
एक ही दिन में 17 संपत्तियों पर तोड़फोड़ और पांच को सील किए जाने के साथ एमसीडी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि जान जोखिम में डालने वाले अथवा नियमों की अनदेखी कर किए गए निर्माणों पर कार्रवाई में अब ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें