गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की हत्या की साजिश एक महीने पहले मंडोली जेल में रच ली गई थी। हत्या की योजना बनाने में टिल्लू ने लॉ ग्रेजुएट और शूटर का सहयोग लिया। वारदात को अंजाम देने से पहले अदालत परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की रेकी भी की गई थी। अपराधियों ने मॉल में पहले कपड़े बदले और वकीलों की पोशाक पहनकर रोहिणी अदालत परिसर में गोगी की हत्या कर दी। लॉ ग्रेजुएट ने अदालत के कामकाज से शूटर को पहले ही वाकिफ कर दिया था ताकि साजिश को अंजाम तक पहुंचाने में कोई रुकावट न आए। अपराधियों ने गोगी की हत्या पानीपत की अदालत में पेशी के दौरान करने की योजना बनाई थी। 13 सितंबर को पानीपत में गोगी को कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच पेश किए जाने की वजह से दिल्ली की अदालत में वारदात को अंजाम देने का अपराधियों ने फैसला लिया। रोहिणी कोर्ट में शूटआउट मामले में दायर चार्जशीट से खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने हत्या की इस योजना को अंजाम तक पहुंचाने के लिए क्या तरीके अपनाए और क्या उनकी मॉडस ऑपरेंडी थी।
वकीलों के वेश में दो हमलावरों ने अदालत के अंदर गैंगस्टर जितेंद्र गोगी पर उस वक्त गोलियां चलाई, जब 24 सितंबर, 2021 को गोगी के खिलाफ हत्या के प्रयास के एक मामले में सुनवाई चल रही थी। दोनों प्रतिद्वंद्वी गिरोह से ताल्लुक रखते थे और इस घटना के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो हमलावर मारे गए थे।
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रोहिणी कोर्ट में शूटआउट
- फोटो : अमर उजाला
इस मामले में सात आरोपियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट से पता चला है कि गोगी को मारने की योजना अगस्त 2021 में बना ली गई थी। पुलिस ने इस मामले में सुनील बलियान उर्फ टिल्लू, नवीन डबास उर्फ बल्ली, उमंग यादव, विनय यादव, आशीष कुमार को आरोपी बनाया है। दोनों मृत हमलावरों के खिलाफ भी राहुल और जयदीप के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है।
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कोर्ट में शूटआउट
- फोटो : अमर उजाला
17 दिसंबर को दायर आरोप पत्र में दिल्ली पुलिस ने कहा कि गोगी की हत्या की योजना मंडोली जेल में आरोपी टिल्लू और उसके सहयोगियों ने रची थी। अंतिम रिपोर्ट के मुताबिक हत्या के इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता टिल्लू ने व्हाट्सएप कॉल पर हत्या की योजना को अंजाम दिया।
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रोहिणी कोर्ट शूटआउट
- फोटो : अमर उजाला
टिल्लू ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि पुरानी दुश्मनी के कारण गोगी को मारने की योजना बनाई थी। गोगी ने अपने एक पुराने दोस्त और गैंग के दूसरे सदस्यों की हत्या की थी। इसके बाद गोगी और टिल्लू की दुश्मनी बढ़ती गई और टिल्लू ने गोगी को मारने का फैसला लिया।
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Rohini Court Delhi Shootout
- फोटो : अमर उजाला
विचाराधीन कैदी के जरिये टिल्लू ने आया उमंग के संपर्क में
अगस्त 2021 के अंत में कोविड -19 के दूसरे चरण के बाद अदालतों में सुनवाई के लिए आरोपियों को पेश किया जाने लगा। पुलिस को पूछताछ में टिल्लू ने बताया कि उसने अदालत में गोगी को मारने की योजना बनाई थी। रोहिणी जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी के जरिये टिल्लू इस मामले में सह-आरोपी उमंग यादव के संपर्क में आया।
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रोहिणी कोर्ट में शूटआउट
- फोटो : अमर उजाला
यादव ने एलएलबी की पढ़ाई की थी, इसलिए अदालत और अधिवक्ताओं की प्रथा से वह भली भांति परिचित थे। टिल्लू ने यादव से गोगी को मारने में मदद करने के लिए कहा। इसके बाद साजिश को अंजाम देने के लिए दो शूटर राहुल और जयदीप को भी शामिल किया गया था।
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जितेंद्र गोगी की फाइल फोटो और मृत पड़ा गोगी
- फोटो : अमर उजाला
पानीपत में कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किया गया था गोगी
टिल्लू ने दोनों शूटर से कहा था कि पानीपत या रोहिणी की अदालत में न्यायिक हिरासत से पेश करने के दौरान वकीलों की पोशाक में गोगी की हत्या कर दे। गोगी की हत्या के बाद राहुल और जयदीप को अदालत में आत्मसमर्पण करने को कहा गया था। दोनों हमलावरों ने यादव से मुलाकात के बाद अगस्त 2021 से हत्या की साजिश को अंजाम तक पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी।
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कोर्ट में मृत पड़ा जीतेंद्र गोगी और दोनों बदमाश (बाएं से दाएं)
- फोटो : अमर उजाला
यादव ने उन्हें अदालत के कामकाज और अधिवक्ताओं के व्यवहार के बारे में जानकारी दी। जयदीप और उमंग ने भी वकील की पोशाक का इंतजाम किया। बयान के मुताबिक आरोपियों को जब पता चला कि गोगी को 13 सितंबर को पानीपत कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके बाद उमंग और जयदीप को पानीपत कोर्ट में गोगी की सुरक्षा का जायजा लेने के लिए भेजा गया। मगर गोगी को कड़ी सुरक्षा में पानीपत की अदालत में पेशी को देखने के बाद 24 सितंबर को रोहिणी की अदालत में वारदात को अंजाम देने को कहा गया।
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कोर्ट रूम में गोलीबारी के दौरान की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला वीडियो ग्रैब
गोलीबारी की सुबह वह तीनों के लगातार संपर्क में थे।यादव ने अपने चचेरे भाई विनय को भी साथ शामिल कर लिया। इसके बाद वे रोहिणी कोर्ट गए, जहां उसका फरार साथी नवीन डबास उर्फ भांजा भी एक शूटर के साथ पहुंचा। वह शक्ल से नेपाल का रहने वाला लग रहा था, लेकिन उसे दूर भेज दिया गया।
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मृत पड़ा जितेंद्र गोगी
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1.30 बजे दे दी गई हत्या की जानकारी
बयान में आगे टिल्लू ने बताया कि उसे एक जानकार ने दोपहर 1:30 बजे फोन कर बताया कि गोगी को रोहिणी कोर्ट में गोली मार दी गई है।इससे वह बहुत खुश हुए। हालांकि जैसे ही जेल में लगे टीवी में इस बात की जानकारी मिली कि गोगी पर गोली चलाने वाले दोनों हमलावरों को अदालत में गोली मार दी गई, वह दुखी हो गया। उसने तुरंत अपना मोबाइल फोन और डोंगल अपने एक साथी कैदी आशीष को देते हुए इन्हें नष्ट करने को कहा।
गोली चलनी शुरू हुई तो कोर्ट रूम के बाहर भागने दौड़ने लगे लोग
- फोटो : अमर उजाला
उमंग यादव ने अपने बयान में कहा कि वह राहुल और जयदीप को रोहिणी कोर्ट ले जाने से पहले एक मॉल में जाकर दोनों को वकीलों की पोशाक पहनने को कहा। यह घटना अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के कोर्ट रूम नंबर 207 के अंदर हुई थी।पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत नष्ट करना), 353 (हमला), 186 (सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन में लोक सेवक को बाधित करना), 120 बी (साजिश) और विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था।