गुड़गांव निवासी महक गुप्ता की उम्र महल 14 साल है और वो चाहती हैं कि जब भी वो सोशल मीडिया पर अपनी फोटो या सेल्फी डालें तो उसे खूब लाइक्स मिले। हालांकि उन्हें इस बात का दुख भी है कि उनके बाकी दोस्तों की फोटो उतनी आकर्षक नहीं दिखती जितनी दूसरों की दिखती है।
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अपनी फोटो को सोशल मीडिया पर डालने से पहले महक भी चाहती हैं कि उनकी तस्वीर भी दूसरों की तरह ही खूबसूरत दिखे। इसके लिए उन्होंने अपने स्मार्ट फोन पर ऐप डाउनलोड किया है जो उनकी फोटो को एडिट कर सामान्य से ज्यादा आकर्षक बना देता है। लेकिन उन्हें नहीं पता कि इस छोटे से ऐप को डाउलोड करते ही वो कितने बड़े खतरे का शिकार बन जाती हैं।
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आमतौर पर युवाओं के स्मार्ट फोन में आधा दर्जन से ज्यादा ऐसे ऐप मिल जाएंगे जो फोटो एडिटिंग का ऑप्शन देते हैं ताकि आप अपनी सेल्फी या पिक्स को आकर्षक बना सकें।
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असल में ये ऐप डाउनलोड करते समय सर्विसप्रवाडर आपसे कई शर्तों पर सहमति मांगते हैं जिन्हें अनदेखा करते हुए एक्सेप्ट के बटन पर क्लिक कर देते हैं और ऐप को डाउनलोड कर लेते हैं। जबकि इन ऐप्स की शर्तों में आपकी पर्सनल जानकारी तक पहुंचने की शर्त भी शामिल होती है जिसकी अनदेखी आपको भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
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जैसे ही ऐसे ऐप्स को डाउनलोड किया जाता है वो आपकी पर्सनल इनफॉर्मेशन से लेकर तस्वीरों तक पहुंच बना लेते हैं जिसे आसानी से चुराया जा सकता है और अन्य किसी जगह इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन जब महक को अपनी इस गलती के बारे में पता चला तो उन्होंने तुरंत ही इन ऐप्स को अपने फोन से डिलीट कर दिया।
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हालांकि वो मानती हैं कि उनके इंजीनियर भाई ने उन्हें चेताया था कि इस तरह के ऐप डाउनलोड करते समय सावधानी बरतनी चाहिए जिसकी वो अनदेखी कर देती थीं।
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चिंता की बात ये है कि इस तरह के ऐप डाउनलोड करने से होने वाले खतरे से न सिर्फ ज्यादातर लोग अनजान हैं बल्कि, लोग इस बारे में कहीं शिकायत भी नहीं करते।
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इस चिंता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने स्कूली बच्चों को ऐप से होने वाले इस नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए साइबर अवेयरनेस कार्यक्रम शुरु करने का फैसला किया है।
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दिल्ली पुलिस ने 11 जनवरी को ऐसे ही एक सेशन का आयोजन किया है जिसमें 800 छात्र-छात्राओं को आमंत्रित किया गया है।