अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एक ओर जहां शहर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। उनकी उपलब्धियों पर उन्हें सम्मानित किया गया। वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में महिलाओं को अपने हक के लिए सड़क पर उतरना पड़ा और कुछ को अपने परिवार का पेट भरने के लिए मजदूरी करने के लिए भी बाहर निकलना पड़ा। एक तरफ न्याय न मिलने पर महिलाओं ने डीसीपी सेंट्रल के खिलाफ प्रदर्शन किया तो दूसरी ओर पेयजल संकट को लेकर महिलाओं ने निगमायुक्त डॉ. आदित्य दहिया का घेराव किया।
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सैकड़ों महिलाओं ने प्रदर्शन किया
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विरोध प्रदर्शन करती महिलाएं
- फोटो : Amar Ujala
सैकड़ों महिलाओं ने वीर एकलव्य दल के प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र चंदेलिया के नेतृत्व में लघु सचिवालय स्थित डीसीपी सेंट्रल और एसएचओ सेंट्रल के खिलाफ प्रदर्शन किया और जिला उपायुक्त के नाम उन्हें ज्ञापन सौंपा। जितेंद्र चंदेलिया ने बताया कि 26 फरवरी को सेल्स टैक्स विभाग के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने अपने ऑफिस के सामने रेखा, मीना, सविता, राजेश्वरी, सरोज, राजवती, हरवती सहित कई महिलाओं को ठेकेदारी प्रथा के खिलाफ किए जा रहे प्रदर्शन में जाने से रोका और उनके साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसकी शिकायत उन्होंने सेंट्रल थाना एसएचओ को दी।
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मजदूरी करती महिला
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मजदूरी करती महिला
- फोटो : Amar Ujala
सभी महिलाओं की बात सनने के बाद आरोपी को थाने में बुलाया, जहां उसने अपनी गलती स्वीकार की। इसके बाद भी एसएचओ ने आरोपी को छोड़ दिया। जब इसकी शिकायत डीसीपी सेंट्रल को दी गई तो उन्होंने जांच का आश्वासन दिया, परंतु आज तक जांच नहीं हुई। वहीं दूसरी ओर पेयजल संकट को लेकर डबुआ कॉलोनी सेक्टर-9 वार्ड की महिलाओं ने निगमायुक्त का घेराव किया और निगम अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पिछले दो महीने से कॉलोनी में पेयजल संकट बना हुआ है। निगम अधिकारियों को कई बार समस्या के बारे में अवगत कराया गया है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
महिला दिवस पर नारी शक्ति को नमन भी किया गया
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फेस पेटिंग पर दिखी नारी शक्ति
- फोटो : Amar Ujala
फेस पेटिंग पर दिखी नारी शक्ति : एनआईटी स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान में लड़कियों ने फेस पेटिंग के जरिये नारी शक्ति को छवि उकेरी। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रंगारंग प्रस्तुति से समा बांध दिया गया। इस मौके पर संस्थान के डायरेक्टर संजय चौधरी ने कहा कि नारी ने अपने साहस, परिश्रम व बुद्धिमत्ता के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई है, इसके लिए वह हमेशा सम्मान की नजरों से देखी जाएंगी।
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस सेलिब्रेट करती युवतियां
- फोटो : Amar Ujala
दूसरी ओर मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नारी शक्ति को नमन भी किया गया। इस अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों व सामाजिक संगठनों की ओर से कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसमें राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक क्षेत्र में उपलब्धियों को छूने वाली संघर्षशील महिलाओं को सम्मानित किया गया। साथ ही कई जगह जागरूकता रैली व जिलास्तरीय पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
ह्यूमन लीगल एंड क्राइम कंट्रोल संस्था की ओर से सेक्टर-16 स्थित महिला थाने में महिला दिवस मनाया गया। इस मौके पर पदाधिकारियोंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जागरूकता रैली निकाली गई। भ्रुण हत्या, दहेज प्रथा आदि के विरुद्ध लोगों को जागरूक किया गया। संस्था ने एसएचओ आशा रानी, एएसआई राजकुमारी, अल्पना, सविता को सम्मानित किया गया। रैली को सफल बनाने में महासचिव राधिका बहल, जसवंत सैनी, रीचा शर्मा, कविता आदि की भूमिका रही। वहीं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की ओर से सेक्टर-4 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। इसमें अभियान के जुड़े वासुदेव अरोड़ा, आरडब्ल्यूए प्रधान हरवीर सिंह, तिलकराज, सुशील व जितेंद्र ने सैकड़ों महिलाओं को सम्मानित किया। इस मौके पर वासुदेव ने कहा कि महिलाओं को सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने की पहली जिम्मेदारी है।