बीके सिविल अस्पताल की एकमात्र लिफ्ट बृहस्पतिवार दोपहर अचानक खराब हो गई। लिफ्ट में आठ मरीज-तीमारदार और एक बच्चा फंस गये। ऑपरेटर ने अधर में फंसी लिफ्ट का दरवाजा किसी तरह खोल कर स्टाफ की मदद से फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश चंद्र ने जल्द ही लिफ्ट सही कराए जाने की बात कही है।
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तीमारदार पहुंचते हैं लिफ्ट
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लिफ्ट में फंसे लोग
- फोटो : अमर उजाला
मालूम हो कि सिविल अस्पताल में प्रथम तल पर जच्चा-बच्चा वार्ड है जबकि दूसरे तल पर सर्जरी वार्ड और ऑपरेशन थियेटर है। तीसरे तल पर हृदयरोग वार्ड, टीमएटी, ईसीजी रूम और प्रशासनिक विभाग हैं। इन वार्ड और ऑपरेशन थियेटर तक मरीज और तीमारदारों को पहुंचाने के लिए लिफ्ट का उपयोग किया जाता है।
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आधे रस्ते में फंसी लिफ्ट
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लिफ्ट में फंसे लोग
- फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे भूतल पर पहुंचने से पहले ही लिफ्ट आधे रास्ते में फंस गई। अंदर मौजूद ऑपरेटर ने पहले तो लिफ्ट को दोबारा चालू कर भूतल पर लाने का प्रयास किया लेकिन असफल रहा। इस पर उसने लिफ्ट का इमरजेंसी बटन दबाया और इसके बाद चाभी से दरवाजा खोला।
आधे रास्ते में फंसी लिफ्ट का दरवाजा खुलने के बाद जमीन पर स्टूल रखकर लोगों को उसके सहारे बाहर निकाल कर उतारा गया। पीएमओ डॉ. सुरेश चंद्र ने बताया कि तकनीकी खामी की वजह से लिफ्ट बीच रास्ते में ही रुक गई थी। मेंटिनेंस कंपनी को सूचना दे दी गई है जल्द ही यह दोबारा काम क्रने लगेगी।