पुस्तक मेला में छात्राएं
अरब देशों से भारतीय साहित्य का आदान प्रदान बढ़ा
अरब देशों और भारत के बीच साहित्यिक आदान प्रदान का अंदाजा पुस्तक मेले के विदेशी मंडप में देखा जा सकता है। विदेशी मंडप में दो बड़े और खूबसूरत स्टाल में से एक शारजाह तो दूसरा किंगडम ऑफ सऊदी अरब का है। इसके अलावा यहां पर मिस्र, ईरान, अबू धाबी, इंग्लैंड, स्पेन, जर्मन, चीन, श्रीलंका और नेपाल के स्टाल भी हैं लेकिन अरब देशों के स्टालों के आगे सब फीके हैं। विदेशी मंडप में ज्यादातर स्टालों पर विदेशों की संस्कृति, इतिहास और बच्चों की पुस्तकें उपलब्ध हैं। अरब देशों के स्टाल पर कुरान की 40 अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में प्रतियां उपलब्ध हैं। ऐसा करने में वहां के छह विश्वविद्यालयों और शिक्षा मंत्रालय ने सहयोग किया है।
शारजाह के स्टाल पर मौजूद भारत में विदेशी मामलों के कार्यकारी अधिकारी मोहन कुमार ने बताया कि पिछले एक वर्ष में अरबी की 60 पुस्तकों को हिंदी में अनुवाद कर भारत के विश्वविद्यालयों में पढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा भारत से हर साल हजारों की संख्या में साहित्यिक पुस्तकें अरब के देशों में भेजी जा रही हैं।