bawana fire
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सुनीता का कहना है कि कुछ दिन पहले ही उन्हें नौकरी मिली थी। ठेकेदार ने कहा था कि फैक्ट्री में पेंट के डिब्बों की पैकिंग करनी है। जब सुनीता पहली बार फैक्ट्री पहुंची तो पटाखों के बड़े बड़े कार्टन दिखाई दिए। 12 घंटे नौकरी करने पर उन्हें 9 हजार रुपये मिलने की बात हुई थी।