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मोबाइल पर बात करते मेनहोल में गिरी महिला की मौत, बचाने उतरे शख्स की भी गई जान

Sat, 04 Jun 2016 05:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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- फोटो : अमर उजाला
पल्ला स्थित मंगल बाजार सब्जी मंडी में  खुले हुए मेनहोल में गिरने से बृहस्पतिवार देर रात एक महिला और मददगार युवक की मौत हो गई। करीब 25 फिट गहरे मेनहोल में जहरीली गैस होने की वजह से शव निकालने में पुलिसकर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। हादसे से इलाके के लोगों में नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ रोष है।
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छज्जन नगर तिलपत में रहने वाले महेश और उनकी पत्नी रेखा (28) ओल्ड फरीदाबाद स्थित एक गारमेंट्स फैक्ट्री में नौकरी करते हैं। बृहस्पतिवार रात करीब 8:30 बजे ड्यूटी खत्म होने के बाद दंपति कंपनी के क्रेच से तीन साल की बेटी अभिलाषा को लेकर घर लौट रहे थे। पल्ला चौक पर ऑटो से उतरने के बाद दंपति मंगल बाजार मंडी से सब्जी खरीदने लगे। इस दौरान रेखा के पिता बारातीलाल का फोन आ गया। बेटी अभिलाषा को पति की गोद में देकर रेखा फोन पर बातें करते हुए टहलने लगी।
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इस दौरान वह मंडी में खुले हुए मेनहोल में जा गिरी। उसके गिरते ही आस पास के दुकानदारों ने शोर मचाया। उसी समय उधर से गुजर रहा लक्ष्मण निवासी हरकेश नगर आदर्श कॉलोनी पल्ला ने शोर सुना तो वह मदद के लिए आगे बढ़ा। करीब 25 फिट गहरे मेनहोल में उतरने के लिए दुकानदारों ने रस्सी का इंतजाम किया। लक्ष्मण छह सात फिट नीचे ही उतर पाया था कि उसके हाथ से रस्सी छूट गई और वह भी नीचे गिर पड़ा। इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस को फोन कर दिया।

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पुलिस के आने से पहले एक अन्य युवक दोनों को बाहर निकालने के लिए नीचे जाने को तैयार हुआ। तीन चार फिट उतरते ही वह बाहर आया और बेहोश हो गया। होश आने पर उसने बताया कि नीचे जहरीली गैस की वजह से उसका दम घुटने लगा था। जिस पर वह बाहर आ गया। उधर, मौके पर पहुंची पुलिस ने सीढ़ी लगाकर काफी मुश्किल के बाद दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। महेश मूलरूप से जालौन (यूपी) के जिरवा गांव का रहने वाला है और पिछले छह साल से यहां पत्नी के साथ रह रहा था।
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लक्ष्मण यहां रंगाई पुताई का काम करता था। वह मूलरूप से गांव नारायणपुर जिला सीवान बिहार का रहने वाला था। यहां बड़े भाई कन्हैया के साथ हरकेश नगर में पिछले सात साल से रह रहा था। एसएचओ भूपानी थाना इंस्पेक्टर हेमंत ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को साैंप दिए गए हैं। 
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मोबाइल फोन पर बात करते समय लापरवाही हादसे की वजह बनती है। रेखा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह मेनहोल कई सप्ताह से ऐसे ही खुला पड़ा है। सड़क से दूर होने और कोई दुकान नहीं लगने की वजह से लोग उधर नहीं जाते हैं। कॉल आने पर रेखा पिता से बात करते हुए शोर से बचने के लिए उधर चली गई और हादसे का शिकार हो गई। रेखा के सिर में गंभीर चोटें आई थीं।
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ड्यूटी से लौट रहा लक्ष्मण महिला की जान बचाने के जज्बे से मेनहोल में उतर तो गया लेकिन जहरीली गैस की चपेट में आकर सुध-बुध खो बैठा। बेहोशी छाने से रस्सी भी हाथ से छूट गई और वह भी नीचे जा गिरा। भाई कन्हैया ने बताया कि पेंटिंग का काम करने वाला लक्ष्मण खतरनाक जगहों पर काम करने का आदी था इसलिए उसे तंग जगहों पर ऊंचाई या गहराई में उतरने से डर नहीं लगता है। शायद यही वजह है कि वह गहरे अंधेरे मेनहोल में भी उतरने में नहीं घबराया। 

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लक्ष्मण की मौत की खबर पहुंचते ही घर पर कोहराम मच गया। पत्नी सीमा बेहोश हो गई। कन्हैया ने बताया कि लक्ष्मण के चार बेटियां हैं। बड़ी बेटी 10 साल की और सबसे छोटी चार साल की है। घरों में रंगाई-पुताई का काम करने वाला लक्ष्मण बड़ी मुश्किल से परिवार चला रहा था। उसकी मौत से परिवार पर भरण-पोषण का संकट आ गया है। पति की मौत से टूट चुकी पत्नी बार बार यही कह रही थी कि अब किसके सहारे जिऊंगी, इन बच्चों को अकेले कैसे संभालूंगी। 
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- फोटो : अमर उजाला
नगर निगम की लापरवाही से शहर के विभिन्न हिस्सों में खुले मेनहोल हादसों को न्योता दे रहे हैं। बावजूद इसके निगम अधिकारी इसे लेकर गंभीर नहीं हैं। कर्मचारी काम करने के बाद मेनहोल का ढक्कन खोलकर चलते बनते हैं और उसे बंद करना भूल जाते हैं। निगम की इसी लापरवाही के चलते बृहस्पतिवार की रात पल्ला मंगलवार सब्जी मंडी के पास खुले मेनहोल में एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई। इसके पहले भी सेक्टर-21 के पास एक मेनहोल में बच्चा गिर गया था जिसे लोगों ने बड़ी मुश्किल से बचाया था। इसके बाद भी निगम लापरवाह बना हुआ है। हर बार हादसों के बाद नगर निगम के अधिकारी खुले मेनहोल बंद कराने का आश्वासन देते हैं और भूल जाते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही देखा जा रहा है। निगम के मुख्य अभियंता ओपी गोयल का कहना है कि जल्द ही सर्वे करा सभी खुले मेन होल को बंद करा दिया जाएगा। वहीं, बृहस्पतिवार देर रात पल्ला में जहां हादसा हुआ था वहां स्थानीय लोगों ने खुद ही मेनहोल को अस्थायी रूप से बंद किया, ताकि कोई और हादसे का शिकार न हो। सीवेज जाम की समस्या होने पर निगम के सफाई कर्मचारी अलग-अलग स्थानों  पर जाते हैं और सफाई के बाद उसे बंद करना भूल जाते हैं। यही हादसे का कारण बनता है। वर्तमान में बीके चौक के पास सर्विस लेन, सेक्टर-21सी मंदिर के पास, डबुआ कॉलोनी, पर्वतीय कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, हार्डवेयर सोहना रोड, प्याली रोड समेत पूरे हाईवे पर जगह-जगह मेन होल खुले हुए हैं। 
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