राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जन्म दिवस पर पूरा राष्ट्र इन दो महापुरुषों को नमन कर रहा है और उनके बताए रास्तों पर चलने के लिए प्रण ले रहा है, लेकिन कई भारतीय ऐसे भी हैं, जिन्हें न राष्ट्रपिता से मतलब है और न ही उनके बताए रास्तों पर चलने से।
मतलब है तो बस अपने शौक से। गांधी जयंती पर आबकारी विभाग ने ड्राई डे घोषित करते हुए शराब बिक्री पर पाबंदी लगा रखी थी, लेकिन शराब व्यापारी विभाग के इन आदेशों को दरकिनार करते हुए चोर रास्ते से सोमवार को शराब बेचते रहे और पीने वाले भी यह सोचकर पीते रहे कि माफ करना बापू, हम शराब के आदी हैं। पेश है अमर उजाला की रिपोर्ट:-
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- फोटो : सुदर्शन झा/अमर उजाला
स्थान: डूंडाहेड़ा बॉर्डर
समय: दोपहर 1.17
यहां पर अंग्रेजी व देसी शराब का ठेका है। दोपहर 1.17 बजे यहां कहने को तो ठेके का शटर बंद था, लेकिन शटर के बाहर लोगों की भीड़ लगी हुई थी। यहां ध्यान से देखने पर पता लगा कि शटर में एक चोर रास्ता बना हुआ है, जहां से लोगों से रुपये लेकर उन्हें शराब दी जा रही थी।
हैरत की बात यह है कि यहां से कुछ ही दूरी पर गुरुग्राम पुलिस का नाका भी लगता है, जहां पुलिसकर्मी बॉर्डर पर होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखते हैं, लेकिन सोमवार को यहां से पुलिसकर्मी भी नदारद रहे।
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स्थान: अतुल कटारिया चौक
समय: दोपहर 1.40
ओल्ड दिल्ली रोड पर दोपहर 01.40 बजे अंग्रेजी व देसी शराब के ठेके पर भी चोर रास्ते से खुलेआम शराब बेची जा रही थी। यहां भी चोर रास्ता कोई पीछे से नहीं बल्कि मेन रोड पर शटर को काटकर बनाया हुआ था। यह ठेका कटारिया चौक पर स्थित है जहां भी हर वक्त पुलिस गश्त पर रहती है।
सेक्टर-14 रोड स्थित राजीव नगर के संजय ग्राम क्षेत्र में भी अंग्रेजी व देसी शराब का ठेका है। यहां ठेके के शटर में कोई चोर रास्ता नहीं बनाया गया। यहां ठेके के साथ बने गेट से शराब बेची जा रही थी। दोपहर 1.50 बजे पर यहां शराब खरीदते हुए कुछ लोग दिखाई दिए।