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केस दर्ज होने के 5 दिन भी बाद भी गिरफ्तार नहीं हुए दाती महाराज, क्या ये है वजह

Sat, 16 Jun 2018 10:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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dati maharaj - फोटो : अमर उजाला
दुष्कर्म के आरोप में फंसे दाती महाराज की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने पर हर ओर से दिल्ली पुलिस की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। इसके लिए दिल्ली महिला आयोग ने डिप्टी कमिश्नर (अपराध शाखा) को नोटिस भेजा है। आयोग का कहना है कि गंभीर आरोपों के बाद भी उन्हें नहीं पकड़ा गया जबकि वह आश्रम से लगातार मीडिया को साक्षात्कार दे रहे हैं।महाराज को गिरफ्तार कर मामले की सही जांच होनी चाहिए। बता दें कि बृहस्पतिवार को राजस्थान से कई चैनलों को साक्षात्कार देने वाले दाती महाराज शुक्रवार को वहां से भी फरार हो चुके हैं।
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dati maharaj - फोटो : अमर उजाला
आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के अनुसार, कमिश्नर को 48 घंटे में जवाब देने को कहा गया है। यह चौंकाने वाला है कि आरोपी की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। 11 जून को आयोग ने दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजा था। मगर मामले को फतेहपुर बेरी थाना पुलिस से लेकर अपराध शाखा को सौंप दिया गया था। लिहाजा अब अपराध शाखा को नोटिस भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि दाती महाराज की ओर से मामले में खुद को निर्दोष बताया जा रहा है। इस मामले में पीड़िता के पिता का एक खत भी सामने आया है जो काफी चौंकाने वाला है...
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dati maharaj - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के छतरपुर स्थित शनि धाम मंदिर के संस्थापक दाती महाराज उर्फ मदनलाल पर दर्ज दुष्कर्म मामले में पीड़ित युवती स्नेहा ( बदला हुआ नाम) के पिता का पत्र दिल्ली पुलिस को मिला है। हालांकि, पत्र पर तारीख नहीं लिखी है। जिसकी वजह से पता नहीं चल पा रहा है कि आखिर यह पत्र कब लिखा गया है। खास बात यह है कि इस पत्र में दाती महाराज की जमकर तारीफ की गई है।

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dati maharaj - फोटो : अमर उजाला
पत्र में लिखा है कि दाती महाराज ने उनके दुखों का अंत किया है।  महाराज उनके भगवान हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि पत्र को फाइल पर ले लिया गया है। साथ ही इस बात की जांच की जा रही है कि पत्र किस दबाव में, कब और कहां लिखा गया है।
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dati maharaj
अमर उजाला के हाथ भी वह पत्र लगा है। जिसमें लिखा है कि वह मूलरूप से गोरखपुर का रहना वाला है। 15-16 साल पहले वह दिल्ली आ गया था। पिछले ढाई वर्षों से शनि महाराज की शरण में हूं। गुरु जी की कृपा से उसके संघर्ष के दिनों को अंत हो गया है। 1991 में जब वह दिल्ली आया तो उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह बच्चों को दूध पिला सके। 1982 में उसकी शादी हुई थी। परिवार में तीन बेटी व एक बेटा है।
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1995 में उसका बेटा जब एक वर्ष का था तब उसकी पत्नी का देहांत हो गया था। उसके पास सिर्फ 150 रुपये थे। लोगों की मदद से उसने पत्नी का अंतिम संस्कार किया। फिर उसकी बहन बच्चों को गोरखपुर ले गई। उसे दूसरी शादी का भी प्रस्ताव आया। हालांकि उसकी कुछ शर्तें रखीं। 2010 में उसने दूसरी शादी की। सुखदुख में साथ दिया।
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dati maharaj - फोटो : अमर उजाला
पत्र में लिखा है कि ‘मैं ढाई वर्षों से मंदिर में आ रहा हूं। डेढ़ वर्ष से गुरु जी की कृपा हो रही है। वह मेरे मां-बाप व भगवान सब कुछ है। मेरे पास दुनिया का धन आ गया है। मैंने बच्चों से कहा था कि कि गुरु जी के सम्मान को कभी ठेस मत पहुंचाना। अगर उन्हें ठेस पहुंची तो तुम मेरी औलाद नहीं रहोगे’। पत्र में लिखा है कि उसकी एक बेटी परीक्षा देने के बाद गुरु जी की शरण में आ गई थी।
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dati maharaj - फोटो : अमर उजाला
पत्र पर है अंगूठे का निशान
अपराध शाखा के अधिकारियों का कहना है कि इस पत्र की जांच की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि दाती महाराज ने स्नेहा से शपथ पत्र और पिता से ऐसा पत्र क्यों लिखवाया। बता दें कि पिता के पत्र पर अंगूठा लगा हुआ है।  
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