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बम ब्लास्ट : इतने बड़े हादसे का कौन है जिम्मेदार, किस पर उठाएं उंगली..

Thu, 18 Jan 2018 09:50 AM IST
संजय शिशौदिया/अमर उजाला, फरीदाबाद
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faridabad bomb blast - फोटो : अमर उजाला
गांव खेड़ी गुजरान में सेना के स्क्रैप से कास्ट आयरन निकालने के दौरान विस्फोट ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इसके लिए कौन जिम्मेदार है कि स्क्रैप में जिंदा मोर्टार सेना की बिना जांच के बाहर आ गया और उसमें विस्फोट हुआ।
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faridabad bomb blast - फोटो : अमर उजाला
स्थानीय स्तर पर प्रशासन ने अब इसकी जांच शुरू कर दी है। डीसी अतुल कुमार ने पूरे मामले की जांच एसडीएम को सौंपी है। उन्होंने एक सप्ताह में मामले की रिपोर्ट मांगी है। डीसी अतुल कुमार ने बताया कि सेना का स्क्रैप सीधे ऐसे ही नहीं खरीदा जा सकता। सेना के स्तर से ही इसके लिए पूरी प्रक्रिया होती है।
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faridabad bomb blast - फोटो : अमर उजाला
गहन जांच के बाद ही स्क्रैप नीलामी तक पहुंचता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर सेना से यह जिंदा मोर्टार कबाड़ बनकर बाहर कैसे आए। डीसी ने यह भी बताया कि खेड़ी गुजरान में चल रहे इस कारोबार की जानकारी उन्होंने नगर निगम से मांगी है। उनसे पूछा गया है कि क्या कारोबारियों के पास किसी प्रकार का लाइसेंस था या फिर अवैध रूप से ही इसे संचालित किया जा रहा था।

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faridabad bomb blast - फोटो : अमर उजाला
उधर, पुलिस पूछताछ में जावेद ने बताया कि वे लोग करीब पांच दिन पहले ही हरिद्वार की सेंचुरी कंपनी से यह माल लेकर आए थे। सेंचुरी कंपनी सेना से उनका स्क्रैप खरीदती है और फिर उसे नीलाम करती है। घटनास्थल पर मौजूद बम निरोधक दस्ते के एक अधिकारी ने बताया कि सेना से तो सारा सामान जांच के बाद ही निकलता है।
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faridabad bomb blast - फोटो : अमर उजाला
मगर कई बार लॉच करने पर कोई मोर्टार या ग्रेनेड नहीं फटता है। जब तक सैनिक उसे अभ्यास के बाद उठाने जाएं, तब तक आसपास के ग्रामीण उसे चुरा लेते हैं और कबाड़ियों को बेच देते हैं। इस तरह कई बार जिंदा विस्फोटक भी बाहर आ जाते हैं। 
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faridabad bomb blast - फोटो : अमर उजाला
पुलिस को भी नहीं थी जानकारी 
धौज चौकी के अंतर्गत आने वाले गांव खेड़ी गुजरान में बनी इस फैक्ट्री में सेना के विस्फोटक को गलाया जाता है इस बारे में स्थानीय पुलिस को भी कोई जानकारी नहीं थी। डीसीपी एनआईटी कीरत सिंह ने बताया कि ये लोग कबाड़ी थे और उनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। 
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कई साल पहले ऐसे ही मोर्टार से दहला था गाजियाबाद 
कई साल पहले ऐसे ही मोर्टार के धमाकों से गाजियाबाद भी दहला था। ईरान से आए ऐसे ही कबाड़ को गाजियाबाद की साइट-4 औद्योगिक फैक्ट्री में गलाया जा रहा था। इसी दौरान उसमें धमाका हुआ। 2008 में हुई इस घटना के कई दिनों तक गाजियाबाद के विभिन्न सुनसान इलाकों में मोर्टार व अन्य विस्फोटक लावारिस हालत में पड़ा पाया गया था। - गाजियाबाद के तत्कालीन डीएम संतो
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