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जब सुषमा स्वराज ने की थी पाकिस्तानियों की मदद, रहीं पीएम पद की दावेदार, 11 बार लड़ीं चुनाव

Wed, 07 Aug 2019 12:58 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटो
पूर्व विदेश मंत्री और दिल्ली की पहली महिला सीएम रहीं सुषमा स्वराज का मंगलवार शाम दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। इससे पहले रात नौ बजे उन्हें अचेत अवस्था में एम्स लाया गया था, जहां पांच डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। विदेश मंत्री रहते हुए सुषमा स्वराज ने बहुत सराहनीय कार्य किए। यहां तक कि उन्होंने कई पाकिस्तानियों की मदद भी की थी।
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- फोटो : अमर उजाला
विदेश मंत्री रहते लोगों की समस्याओं से इस तरह जुड़ी रहीं कि एक ट्वीट मात्र से लोगों की समस्याएं सुलझा देती थीं। इन समस्याओं को धैर्य से सुनने और उन्हें हल करने के कारण वह काफी लोकप्रिय हो गईं। वह खास से आम सभी को फौरन जवाब देती थीं। कई बार लोगों को यकीन ही नहीं होता था कि वह खुद जवाब दे रही हैं।
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पिछले साल एक व्यक्ति ने उनके लिए लिखा कि निश्चित रूप से सुषमा खुद ट्वीट नहीं करतीं। उन्होंने कोई पीआर रखा हुआ है, जो उनके ट्वीट करता है। इसके जवाब में सुषमा ने कहा, आप निश्चित रहें। यह मैं ही हूं, मेरा भूत नहीं है। उन्हें पिछली मोदी सरकार की सबसे सक्रिय मंत्रियों में से एक माना गया। 11 अक्तूबर 2017 को एक पाकिस्तानी महिला नीलिमा गफ्फार का भारत में इलाज के लिए वीजा जारी कराया। महिला के पति ने उनसे वीजा मंजूरी का अनुरोध किया था। सुषमा ने जवाब दिया, हम भारत में उनके इलाज के लिए वीजा दे रहे हैं।
 

पाक बच्चे का कराया इलाज

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सुषमा स्वराज फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
मानवीय सद्भाव दिखाते हुए सुषमा ने इलाज के लिए एक पाकिस्तानी बच्चे को वीजा दिलाया। काशिफ चाचा ने अपने बेटे अब्दुल्ला के लिए मेडिकल वीजा का अनुरोध किया था। इस पर उन्होंने जवाब दिया, आपके बच्चे का इलाज दवा के अभाव में नहीं प्रभावित होना चाहिए। मैंने भारतीय उच्चायोग को मेडिकल वीजा जारी करने को कहा है।
 
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गीता को भारत लाईं, बताया हिंदुस्तान की बेटी
गलती से सीमा पार पाकिस्तान गई मूकबधिर युवती गीता सुषमा की वजह से ही भारत लौट सकी। युवती 10 साल से पाकिस्तान में फंसी हुई थी। 26 अक्तूबर 2015 को जब वह भारत लौटी तो सुषमा ने उसे हिंदुस्तान की बेटी कहा। उसके माता-पिता को खोजने के लिए एक लाख रुपये इनाम की घोषणा की। उन्होंने गीता के लिए दूल्हा ढूंढने में भी पूरी दिलचस्पी दिखाई।  
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पीएम पद की दावेदार, 11 बार लड़ीं चुनाव

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नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद उनका नाम भाजपा में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों में मजबूती से चला। अपने सहज स्वभाव से विरोधियों को निरुत्तर कर देने की उनकी क्षमता के कारण विपक्षी दलों में भी उनके दोस्तों कमी नहीं रही। पिछले चार दशकों में उन्होंने 11 चुनाव लड़े।
केंद्र में मंत्री बनीं तो फिल्म निर्माण को दिलाया उद्योग का दर्जा
सुषमा स्वराज 1990 में राज्यसभा सदस्य के तौर पर राष्ट्रीय राजनीति में आईं। यहां छह वर्ष रहने के बाद 1996 में दक्षिण दिल्ली से सांसद चुनी गईं। 1998 में ही उन्होंने मंत्री रहते हुए फिल्म निर्माण को उद्योग का दर्जा दिया, जिससे फिल्म बनाने के लिए बैंक लोन मिलने लगे।
 
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सोनिया के सामने मुकाबला, कन्नड़ में दिए भाषण

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13वीं लोकसभा के चुनाव के लिए भाजपा को बेल्लारी सीट पर लड़ रहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुकाबले के लिए योग्य प्रत्याशी नहीं मिल रहा था। ऐन समय पर सितंबर 1999 में उन्हें यहां चुनाव में उतारा गया। अपने प्रचार केलिए उन्होंने कन्नड़ में भाषण दिए। वे हार जरूर गईं, किंतु मात्र 12 दिन के चुनाव प्रचार के बावजूद उन्हें साढे़ तीन लाख से अधिक वोट मिले।

विदेशी मंत्री के तौर पर अलग पहचान मिली
2014 में विदिशा से सांसद बनने और देश में भाजपा की जीत के बाद उन्हें सरकार में विदेशी मंत्रालय दिया गया। यहां पांच वर्ष के दौरान उन्होंने विदेशों में मुश्किल हालात में फंसे भारतीयों को तत्काल मदद के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। ट्विटर पर की जाने वाली मदद की अपील पर भी वे सक्त्रिस्य होकर सहायता मुहैया करवातीं। इसने उन्हें एक बेहद लोकप्रिय मंत्री के तौर पर स्थापित किया।
 
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