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डीपीएस स्कूल मामला: क्या कहती है बच्ची की मेडिकल रिपार्ट, क्यों हो रहा आरोपी को बचाने का प्रयास

Sun, 15 Jul 2018 12:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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dps school
ग्रेटर नोएडा में शनिवार को डीपीएस स्कूल में एक साढ़े 3 साल की बच्ची के साथ रेप का मामला सामने आया है। ऐसे में कुछ लोग आरोपी को बचाने में लगे हुए, वहीं पीड़िता के मेडिकल रिपोर्ट ने सभी को हैरान कर दिया है।
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एफआईआर में मेडिको लीगल जांच में ‘हाइमन टोर्न’ लिखा गया है। जानकारों के मुताबिक, इसका मतलब प्राइवेट पार्ट का भीतर से चोटिल होना होता है।
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डीपीएस स्कूल - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद ही पुलिस ने मामले में दुष्कर्म की धारा में रिपोर्ट दर्ज की है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ता रामशरण नागर ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में हाइमन टोर्न लिखे होने का मतलब है कि दुष्कर्म की पूरी संभावना है।

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
आरोपी के बचाव का किया गया प्रयास
जांच में पता चला है कि बच्ची के दर्द की शिकायत पर उसके परिजनों ने स्कूल की किसी शिक्षिका से संपर्क कर पूछताछ की थी। उस दौरान शिक्षिका ने किसी घटना के स्कूल में होने से इंकार किया था। बाद में जब बच्ची ने आरोपी को पहचान लिया तब भी प्रबंधन के किसी व्यक्ति ने परिजन से कहा था कि चंडीदास दस साल से स्कूल में है और उन्हें उस पर भरोसा है वह ऐसा नहीं कर सकता।
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वहीं सूत्रों का कहना है कि घटना के बाद बच्ची के रोने पर स्टाफ के लोगों को इसकी जानकारी हो गई थी। इसके बाद भी मामले को दबाया गया। एफआईआर में भी परिजनों ने कहा है कि पूछताछ करने पर स्कूल स्टाफ ने भी उनसे कहा कि लाइफ गार्ड ने ही उनकी बेटी से दुष्कर्म किया है।
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