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दिल्ली अग्निकांड टाइमलाइन: एक साथ जले नौ शव, चीखों और सिसकियों से कांप उठा श्मशान घाट; एक चिता पर जले मां-बेटे

Mon, 04 May 2026 03:27 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

निगमबोध घाट पर मौजूद कई ऐसे लोग भी भावुक हो उठे, जो अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने आए थे। उन्होंने कहा कि ऐसा दर्दनाक मंजर उन्होंने बहुत कम देखा है। मासूम बच्चे और उसकी मां की एक साथ अंतिम विदाई ने सभी को भीतर तक झकझोर दिया।
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विवेक विहार में एसी फटने से नौ लोगों की मौत - फोटो : अमर उजाला
विवेक विहार अग्निकांड में एक ही परिवार के कई सदस्यों की मौत ने राजधानी को गहरे शोक में डूबो दिया। रविवार को जब अरविंद जैन व उनके परिवार के चार सदस्यों और नितिन जैन सहित उनके परिवार के तीन सदस्यों के शव निगमबोध घाट पहुंचे, तो वहां का माहौल मातम से भर गया। यह सिर्फ एक अंतिम संस्कार नहीं था, बल्कि कई जिंदगियों के अचानक बुझ जाने का दर्दनाक दृश्य था, जिसने हर मौजूद व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।
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मृत मां-बेटा - फोटो : अमर उजाला
डेढ साल के मासूम को मां के साथ चिता पर रखा
दोनों परिवारों के परिजनों, रिश्तेदारों, पड़ोसियों और परिचितों की चीखें और सिसकियों ने घाट के वातावरण को भारी बना दिया, लेकिन सबसे हृदयविदारक क्षण तब आया, जब डेढ़ साल के मासूम बच्चे के शव को उसकी मां के साथ एक ही चिता पर रखा गया। यह दृश्य देखते ही वहां मौजूद लोग खुद को संभाल नहीं सके। कई लोग फूट-फूटकर रो पड़े। जिनकी आंखें अब तक नम थीं, वे भी उस क्षण अपने आंसू रोक नहीं पाए।
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गमगीन परिजन - फोटो : अमर उजाला
ऐसा दर्दनाक मंजर बहुत कम देखा 
निगमबोध घाट पर मौजूद कई ऐसे लोग भी भावुक हो उठे, जो अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने आए थे। उन्होंने कहा कि ऐसा दर्दनाक मंजर उन्होंने बहुत कम देखा है। मासूम बच्चे और उसकी मां की एक साथ अंतिम विदाई ने सभी को भीतर तक झकझोर दिया। इस दौरान भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के कई नेता भी निगमबोध घाट पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। घाट पर सिर्फ चिताओं की लपटें नहीं थीं, बल्कि उन सपनों की राख भी थी जो दोनों परिवार ने मिलकर देखे थे।

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गमगीन परिजन - फोटो : अमर उजाला
घटना की टाइमलाइन
. 3.35 बजे तड़के: इमारत की दूसरी मंजिल पर एसी ब्लास्ट के बाद आग लगी।
. 3.48 बजे तड़के: पुलिस व दमकल विभाग को पड़ोसियों ने की कॉल
. 3. 55 बजे तड़के: दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंची।
. 4.00 बजे तड़के: ब्रांटो समेत बाकी गाड़ियों की गई डिमांड।
. 4.25 बजे तड़के: फंसे हुए लोगों को निकालने का काम हुआ शुरू।
. 4.45 बजे सुबह: कुछ घायलों को निकाला गया।
. 5.00 बजे सुबह: झुलसे हुए लोगों को जीटीबी अस्पताल लाया गया।
. 6.25 बजे सुबह: आग को काबू कर लिया गया।
. 8.00 बजे सुबह: आग को पूरी तरह बुझाकर सर्च ऑपरेशन किया गया शुरू।
. 8.05 बजे सुबह: पहला शव महिला का दूसरी मंजिल से निकाला गया।
. 8.15 बजे सुबह: तीसरी मंजिल से एक ही परिवार के पांच शव निकाले गए।
. 8.20 बजे सुबह: तीसरी चौथी मंजिल की सीढि़यों से बाकी शव निकाले गए।
. 10.15 बजे सुबह: केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा घटना स्थल पर पहुंचे।
. 10. 45 बजे सुबह: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा मौके पर पहुंचे।
. 12.12 बजे दोपहर: शव इमरजेंसी से मोर्चरी पोस्टमार्टम के लिए लाए गए।
. 4.30 बजे शाम: पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले किए गए।
. 5.30 बजे शाम: शवों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
 
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दिल्ली अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
मृतकों व घायल का विवरण
1. शिखा जैन: 45 साल
तीसरी मंजिल..... एक ही फ्लैट में रहने वाले माता-पिता, बेटा-बहू और पोता
2. अरविंद जैन: 62 साल
3. अनीता जैन: 60 साल
4. निशांक जैन: 35 साल
5. आंचल जैन: 33 साल
6. आकाश उर्फ आनू: 1.5 साल
चौथी मंजिल..... माता-पिता और बेटा
7. नितिन जैन: 50 साल
8. शैली जैन: 48 साल
9. समायकन जैन: 25 साल

घायलों के नाम
1.नवीन जैन: 48 साल, हालत नाजुक, सफदरजंग में भर्ती
2. रक्षिता उर्फ परी: 22 साल, दूसरी मंजिल से कूदकर जान बचाई
3.प्रियल: 15 साल, दूसरी मंजिल से कूदकर जान बचाई
4. अर्चित जैन: 30 साल, तीसरी मंजिल से दमकल कर्मियों ने बचाया
5. दो अन्य भी घायल हैं।
 
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दिल्ली के विवेक विहार इलाके में एक चार-मंजिला रिहायशी इमारत में आग लगने से नौ लोगों की मौत। - फोटो : अमर उजाला
राजधानी में हुई बड़े अग्निकांड..
19 मार्च 2026 : पालम इलाके में एक इमारत में लगी आग से एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत हुई है।
25 मई 2024 : विवेक विहार स्थित बेबी केयर न्यू बोर्न अस्पताल में भीषण अग्निकांड में सात नवजात शिशुओं की जान चली गई थी।
8 फरवरी 2024 : अलीपुर स्थित एक अवैध केमिकल व पेंट फैक्ट्री में आग लगने से 11 लोगों की मौत।
13 मई 2022 : मुंडका स्थित अवैध फैक्ट्री में लगी आग से 27 लोगों की मौत हुई।
21 जून 2021 : पीरागढ़ी स्थित फैक्ट्री में लगी आग से 6 लोगों की मौत हुई।
8 दिसंबर 2019 : अनाज मंडी स्थिति अवैध फैक्ट्री मेें आग लगने से 43 लोगों की मौत हुई।
12 फरवरी 2019 : करोल बाग स्थित होटल में लगी से 17 लोगों की मौत हुई।
20 जून 2018 : बवाना में एक फैक्ट्री में लगी से 17 लोगों की मौत हुई।
13 जून 1997 : दिल्ली का सबसे बड़ा अग्निकांड उपहार सिनेमा, ग्रीन पार्क में हुआ था, इसमें 59 लोगों की मौत हुई थी।
13 जून 1997 : दिल्ली का सबसे बड़ा अग्निकांड उपहार सिनेमा, ग्रीन पार्क में हुआ था, इसमें 59 लोगों की मौत हुई थी और 100 से अधिक लोग घायल घायल हुए थे।
 
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दिल्ली के विवेक विहार इलाके में एक चार-मंजिला रिहायशी इमारत में आग लगने से नौ लोगों की मौत। - फोटो : अमर उजाला
आग के मामलों में जहरीला धुआं बनता है मौत की वजह
आग के मामलों में स्मोक इनहेलेशन इंजरी से मौत होती है। विवेक विहार स्थित बहुमंजिला इमारत में भीषण आग से जान गंवाने वालों की मौत फेफड़ों में ऑक्सीजन क्षमता की कमी के कारण हो सकती है। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग के एक डॉक्टर ने बताया कि ऐसे मामलों में ज्यादातर मौत की वजह कार्बन मोनोऑक्साइड होती है। 

सांस लेने के दौरान कार्बन मोनोऑक्साइड शरीर में अंदर जाने पर खून जहरीला हो जाता है। इससे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति रुकने लगती है और तुरंत मौत हो जाती है। ऐसी स्थिति में जान बचाने के लिए तुरंत ऑक्सीजन थेरेपी की जरूरत होती है। चर्चित उपहार अग्निकांड में लोगों की मौत स्मोक इनहेलेशन इंजरी से हुई थी। फेफड़ों में ऑक्सीजन क्षमता के कम होने पर व्यक्ति अचेत स्थिति में पहुंच जाता है। व्यक्ति खुद के बचाव के लिए कुछ नहीं कर पाता है और आग की चपेट में आने से उसकी जान चली जाती है। डॉक्टर ने बताया कि आग के मामले में शरीर के अंग भी जल जाते है। इस कारण भी मौत होती है। आग और धुएं के कारण सांस की नली को नुकसान पहुंचता है। नली सिकुड़ और उसमें सूजन पैदा होती है। जिससे व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत पैदा होने लगती है।

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