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घटना से दो घंटे पहले दरोगा को फोन कर पत्रकार विक्रम जोशी ने मांगी थी मदद, चौकी इंचार्ज ने बनाया ये बहाना

Fri, 24 Jul 2020 11:40 AM IST
पूजा त्रिपाठी योगेंद्र सागर, अमर उजाला, गाजियाबाद
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विक्रम पर हमला करते बदमाश - फोटो : अमर उजाला
मीडियाकर्मी विक्रम जोशी के साथ हुई घटना में विजयनगर एसएचओ राजीव कुमार और प्रताप विहार चौकी इंचार्ज की लापरवाही सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि उक्त दोनों समय रहते कार्रवाई करते तो विक्रम के साथ घटना न होती। आरोप है कि हमलावर कई घंटे से विक्रम की रेकी कर रहे थे। रात 8 बजे आरोपियों को देख विक्रम ने प्रताप विहार चौकी इंचार्ज को फोन कर अनहोनी की आशंका जताई थी। मगर चौकी इंचार्ज ने तबीयत खराब होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। रात 10:30 बजे हमलावरों ने विक्रम को गोली मार दी।
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विक्रम जोशी के शव के पास रोते परिजन - फोटो : अमर उजाला
पिछले साल होली पर छेड़छाड़ से शुरू हुआ विवाद :
विक्रम की बहन का कहना है कि पिछले साल होली वाले दिन आरोपी रवि ने उनकी बेटी के साथ छेड़छाड़ की थी। इस बात को लेकर विवाद हुआ और विजयनगर थाने में तहरीर भी दी गई, लेकिन पुलिस ने शांतिभंग में कार्यवाही कर इतिश्री कर ली। इसके बाद मामला शांत हो गया। आरोप है कि इसके बाद भी आरोपी और उसके दोस्त उनकी बेटी से रास्ते में छेड़छाड़ करते थे। 16 जुलाई को आरोपियों ने फिर से हरकत की तो विक्रम ने विरोध किया था। जिस बात को लेकर झगड़ा हुआ। घटना की तहरीर प्रताप विहार चौकी में दी गई। साथ ही थाने जाकर एसएचओ से भी कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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विक्रम जोशी का परिवार - फोटो : अमर उजाला
जरा भी गंभीर हो जाती पुलिस तो न होती घटना
परिजनों का कहना है कि तहरीर देने के बावजूद विजयनगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे उनके हौसले बुलंद हो गए। सोमवार रात हमलावरों को देख विक्रम ने चौकी इंचार्ज को फोन किया, लेकिन वह बीमारी का हवाला देकर बैठे रहे। परिजनों का कहना है कि पुलिस गंभीर हो जाती तो शायद यह घटना न होती। 

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Vikram Joshi - फोटो : अमर उजाला
केस दर्ज करने को थाना प्रभारी से पैरवी कर रहे थे विक्रम :
विक्रम के परिजनों का कहना है कि थाना पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर उन्होंने घटना के अगले दिन एसएसपी कार्यालय में भी शिकायत की थी, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। विक्रम की बहन के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए विक्रम लगातार एसएचओ विजयनगर से पैरवी कर रहे थे।
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गोली लगने के बाद जमीन पर गिरे विक्रम जोशी - फोटो : अमर उजाला
लेकिन शिकायत के 4 दिन बाद भी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करना तो दूर, उन्हें पकड़ने की कोशिश तक नहीं की गई। हालांकि, विजयनगर एसएचओ राजीव कुमार का कहना है कि खुद विक्रम ने केस दर्ज करने से इंकार करते हुए आरोपियों को सिर्फ धमकाने और फिर ऐसा न करने की हिदायत देने की बात कही थी।
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