रेलवे प्रीमियम ट्रेनों का कायाकल्प करने में जुट गई है। स्वर्ण योजना के तहत राजधानी व शताब्दी ट्रेनों में आरामदायक व आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इस कड़ी काठगोदाम शताब्दी ट्रेन के कोच को तैयार कर लिया गया है। रेलवे की योजना है कि अगले साल मार्च तक उत्तर रेलवे की सभी प्रीमियम ट्रेनों को बेहतर किया जाए। हर कोच में 50 लाख रुपया तक खर्च करने की अनुमति दी गई है।
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- फोटो : अमर उजाला
स्वर्ण योजना के तहत नई खूबियों में कोच के इंटीरियर डेकोरेटिंग में विनायल रैपिग की गई है। आने-जाने वाले गलियारे को चमकदार किया गया है। हर कोच में इंटीग्रेटीड ब्रेल चिन्ह, बेहतर शौचालय और मनोरंजन के लिए मैजिक बॉक्स लगाए गए है। योजना है कि जल्द ही जीपीएस युक्त किया जाए।
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मंगलवार से शुरू होने वाली नई दिल्ली-काठगोदाम-नई दिल्ली शताब्दी ट्रेन को बेहतर किया गया है। इस योजना के तहत रेलवे 10 बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया है। इनमें इस ट्रेन को समय पर संचालित करने, स्वच्छता, लिनन, कोच इंटीरियर, शौचालय, खान-पान, कर्मचारियों का व्यवहार, सुरक्षा, मनोरंजन, हाउस कीपिंग और नियमित रूप से फीड बैक पर ध्यान दिया जाएगा। आरामदायक सीट के साथ कुल दस पैमाने पर खरा उतारा गया है।
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शताब्दी व राजधानी ट्रेन में मन की बात सुन सकेंगे
ट्रेनों में भी अब आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात सुन सकेंगे। स्वर्ण योजना के तहत ट्रेनों में वाई-फाई, हॉट स्पॉट की सुविधा दी गई है। इस सुविधा के तहत यात्री अपने लैपटॉप, टेबलेट व मोबाइल फोन में मन की बात डाउनलोड कर सुन सकेंगे। इसके साथ ही मनोरंजन के लिए सभी तरह के फिल्मे, कार्टून फिल्में, ई-पत्रिकाएं देख सकेंगे।
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जीपीएस सूचना प्रणाली के आधार पर सीसीटीवी लगाने की योजना
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक विश्वेश चौबे, दिल्ली रेल मंडल प्रबंधक आरएन सिंह ने दिल्ली सफदरजंग यार्ड में खड़ी उन्नत खूबियों वाली ट्रेन निरीक्षण के मौके पर बताया कि काठगोदाम शताब्दी ट्रेन के 12 डिब्बों की आंतरिक सज्जा को बेहतर किया गया है। यात्री सुविधाओं को बेहतर किया गया है। सभी डिब्बों में इंटीग्रेटीड ब्रेल वाले चिन्ह लगाए गए हैं। रेलवे जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली के आधार पर सीसीटीवी लगाने की योजना भी बना रही है। उत्तर रेलवे ने मार्च 2018 तक नये मानकों के अनुरूप सभी राजधानी और शताब्दी ट्रेनों को तैयार करेगी।
अन्य खूबियां
. दरवाजे, लगेज रेक पैनलों को विनायल रैपिंग के साथ बेहतर किया गया है। लगेज पैनल विमानों की तरह तैयार किया गया है।
. फर्श को साफ-सुथरा व चमकदार बनाया गया है।
. शौचालयों में कूड़ेदान, पर्सनल सीट कवर, ऑटोमेटिक डोर, इंडीकेटर।
. शौचालयों में स्क्रेपर मैटिंग लगाए गए हैं। ताकि गंदा पानी बैठने के स्थान तक न आ सके।
. विमानों की तरह डिस्पोजेबल हेड रेस्ट कवर। एग्जीक्यूटिव क्लास में डिस्पोजेबल हैड रेस्ट कवर लगाए गए हैं।