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PICS : पेट डॉग्स के पांच सितारा होटल 'क्रिटेरती' में जानें क्या है खास

Sun, 19 Nov 2017 10:08 AM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुरुग्राम
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critterati - फोटो : critterati
देश के पांच सितारा होटल ताज, ओबेरॉय, ट्राइडेंट, हयात के बारे में तो सुना होगा। क्या आपने कभी सुना है कि किसी पेट्स के लिए भी कोई होटल है, जहां सिर्फ पेट्स डॉग रह सकते हैं। वह भी इन पांच सितारा होटल जैसी सुख सुविधाओ के साथ। अगर नहीं तो आप गलत है। साइबर सिटी में देश का पहला पांच सितारा पेट्स होटल 'क्रिटेरती’ खुला है।
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critterati - फोटो : critterati
06 मंजिला इस होटल में पेट डॉग के लिए डीलक्स रूम, जूनियर सूट रूम, रॉयल सूट रूम, स्पा, कैफे, मसाज पार्लर, स्वीमिंग पूल और भी बहुत कुछ है। इसके साथ डॉग के लिए टीवी, म्यूजिक और झरना भी है। उस पर निगरानी रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
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critterati - फोटो : critterati
डीएलएफ फेज-4 में क्रिटेरती लोगों के लिए किसी अजूबे से कम नहीं है। अपने नए कॉन्सेप्ट के कारण यह धीरे-धीरे बहुत प्रसिद्ध हो रहा है। हाल ही में शुरू हुए इस पेट्स होटल के 1200 से अधिक सदस्य बन गए हैं। इसमें सभी डॉग लवर है, जो अपने डॉग को परिवार के सदस्य के तरह रखते हैं और अपने बच्चे की तरह तवज्जो देते हैं। उनके लिए विदेशी कपड़े भी यहां मौजूद है, जो भारतीय बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं होता है। जल्द ही यहां पालतू बिल्लियों के लिए भी एक फ्लोर शुरू होना वाला है।

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critterati - फोटो : critterati
होटल की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) जाह्नवी चावला कहती है यह देश में बिल्कुल नया कॉन्सेप्ट है। अमेरिका में इस तरह का कल्चर है, लेकिन हिन्दुस्तान में नहीं है। पेट्स की साइकोलॉजी समझकर क्रिटेरती में सुविधा दी जाती है। यहां पर सभी ट्रेंड डॉग लवर्स है।
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critterati - फोटो : critterati
हर नस्ल के डॉग को उसके साइकोलॉजी के हिसाब से ट्रेनिंग और खान पान दिया जाता है। यहां पर डे बोर्डिंग, नाइट स्टे, खेलने के अलावा मसाज, हेयर कटिंग, ग्रूमिंग, स्वीमिंग, म्यूजिक सभी उपलब्ध है। होटल के हर कमरे को डॉग साइकोलॉजी के अनुरुप तैयार किया गया है। इसमें बालकोनी, डबल बेड, सिंगल बेड जैसी सुविधाएं है। हर सुविधा के लिए अलग-अलग पैकेज हैं। 
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कैसे आया आइडिया
होटल के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर दीपक चावला कहते हैं कि जाह्नवी को जर्मन शेफर्ड डॉग ब्लैकी से बहुत प्यार था। उसकी तबीयत खराब होने के बाद कई बार डॉक्टर को दिखाया, लेकिन सही नहीं हो पाया। जब भी परिवार के लोग बाहर घूमने जाते तो कहां छोड़े? इसकी दिक्कत आती थी। जब ब्लैकी की मौत हो गई तब हमलोगों ने पेट्स को लेकर काम करना शुरू किया। डेढ़ वर्ष तक इसके कॉन्सेप्ट पर काम किया। रिसर्च किया। डॉग साइकोलॉजी समझने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और दुबई में ट्रेनिंग ली। इसके बाद दुबई में नौकरी भी की।
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डॉग की होती है शादी, मनाया जाता है जन्मदिन
पेट्स लवर्स के लिए होटल में मैट्रीमोनियल की भी सुविधा है। यहां लोग अपने डॉग की शादी भी करवाते हैं। बर्थ-डे पार्टी भी मनाते हैं। अगर किसी पेट लवर्स के पास पार्टी में शरीक होने के लिए आदमी नहीं है तो इसका भी इंतजाम किया जाता है। सीओओ जाह्नवी बताती है कि डॉग की शादी के लिए पहले उसके मालिक से एक रजिस्ट्रेशन फॉर्म भराया जाता है। फिर उसकी जोड़ी ढूंढी जाती है। जोड़ी ढूंढने के बाद दोनों पेट्स के बीच दोस्ती कराई जाती है और जब दोनों घुल मिल जाते हैं तो उनके मालिकों को बताया जाता है और फिर शादी कराई जाती है।
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होटल में एंट्री के है ये नियम
होटल में हर डॉग सीधे एंट्री नहीं कर सकता है। एंट्री करने से पहले पेट्स का वजन होता है। उसकी पूरी जानकारी ली जाती है। डॉक्टर चेक करते हैं कि कोई बीमारी तो नहीं है। उसके बाद यदि कोई इंफेक्शन या एलर्जी है तो उसे वैक्सीन किया जाता है। इसके बाद उसे एक कार्ड भी जारी किया जाता है, जिससे पुष्टि होती है कि वह पूरी तरह स्वस्थ्य है। दूसरे पेट्स डॉग या इंसान के लिए नुकसानदायक नहीं है। इस कार्ड से डॉग और उसका मालिक होटल में कहीं भी जा सकता है।
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