साल 1980 में उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में जन्मी बेटी को भले ही उसके मां-बाप ने त्याग दिया हो, लेकिन मिट्टी के प्रेम ने बच्ची को कभी खुद से अलग नहीं होने दिया। वह बच्ची अब 40 वर्ष की महिला बन गई है और अपनी बेटी के साथ मां-बाप को खोजने के लिए विदेश से झांसी लौटी है। महिला अपने मां-बाप को खोजने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
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पति पीटर और बेटी के साथ वेरा
- फोटो : अमर उजाला
इटली की रहने वाली वेरा बेरती ने बताया कि 22 जून, 1980 को उनका जन्म झांसी में हुआ था। जन्म के तुरंत बाद कोई अंजान व्यक्ति उन्हें सेंट ज्यूड फाउंडलिंग होम में छोड़ गया था। इसके साल भर बाद इटली के एक दंपती ने उन्हें गोद ले लिया और तब से वेरा वहीं रहती हैं। 35 साल बाद 2015 में वह भारत आई थीं और सबसे पहले झांसी पहुंचीं। वह झांसी में अपने मां-बाप और परिजनों को खोजने के उद्देद्य से ही आई थीं।
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बेटी के साथ वेरा
- फोटो : सोशल मीडिया
हालांकि काफी खोजबीन के बाद भी कोई जानकारी नहीं हुई, तो आखिरकार वह थक हारकर वापस इटली लौट गईं। इसके बावजूद वेरा की तलाश कभी कम नहीं हुई। अब उन्होंने इटली में रहते हुए सोशल मीडिया के जरिए एक बार फिर अपने परिजनों की तलाश शुरू कर दी है। उसने अपना पुराना पासपोर्ट भी सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसमें लगी फोटो में वो लगभग एक साल की नन्हीं बच्ची नजर आ रही है।
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पति और बेटी के साथ वेरा
- फोटो : सोशल मीडिया
सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के जारी होने के बाद से तमाम लोग सक्रिय हो गए हैं। लोगों की ओर से झांसी की इस बेटी को उसके माता-पिता की तलाश में मदद करने का भरोसा जताया जा रहा है। साथ ही, इस पोस्ट को लोग एक दूसरे से खूब साझा कर रहे हैं। झांसी की इस बेटी की कहानी चर्चा का विषय बनी हुई है है।
गोद लेने वाली मां के साथ नन्हीं वेरा
- फोटो : अमर उजाला
वेरा बेरती का जन्म भारत में हुआ था, जबकि उनकी पूरी परवरिश इटली में हुई। इसके बावजूद उनके दिल में भारत के प्रति अटूट प्यार बसता है। वेरा बेरती की दस साल की बेटी है, उन्होंने अपनी बेटी का नाम 'सोफिया इंडिया' रखा है। वेरा ने बताया कि वो भारत से अटूट प्यार करती है। यही वजह है कि उसने अपनी बेटी के नाम के साथ इंडिया जोड़ा।