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मोदी को गोद लेने रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंचा ये शख्स, SC-PMO को भेजेगा अर्जी

Tue, 14 Mar 2017 12:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद(मोदीनगर)
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- फोटो : अमर उजाला
खुद को उत्तर प्रदेश का ‘गोद लिया हुआ बेटा’ बताने वाले प्रधानमंत्री के इस बयान पर जहां सियासी घमासान शुरू हो गया था, वहीं मोदीनगर के नगर पंचायत पतला के पूर्व चेयरमैन योगेंद्र पाल योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही गोद लेने की घोषणा कर दी है।
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पीएम नरेंद्र मोदी
उन्होंने स्टांप पेपर पर गोदनामा भी तैयार करा लिया है। योगी ने मंगलवार को गाजियाबाद रजिस्ट्रार के समक्ष गोदनामा पेश क‌िया। अब दिक्कत यह है कि उम्रदराज लोगों को गोद लेने का कोई नियम ही नहीं है।
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yogendra pal yogi - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गोद लिए जाने के मामले में मंगलवार को गाजियाबाद सदर तहसील स्थित सब-रजिस्ट्रार-थर्ड कार्यालय में हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। मोदीनगर के गांव पतला में रहने वाले योगेंद्र पाल योगी अपने परिवार के साथ सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचे और मोदी को गोद लेने के लिए आवेदन दाखिल किया।

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yogendra pal yogi - फोटो : अमर उजाला
करीब एक घंटे बाद ही सब-रजिस्ट्रार ने आवेदन को एक पक्षीय बताते हुए आपत्ति सहित वापस कर दिया। नगर पंचायत पतला के पूर्व चेयरमैन योगेंद्र पाल योगी मंगलवार सुबह अपनी पत्नी अतरकली और सबसे छोटे बेटे प्रदीप के साथ सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचे। मोदी को गोद लिए जाने के लिए उन्होंने नामचीन कवि कृष्ण मित्र के पुत्र हिमांशु लव और मनमोहन लाल वेद के बेटे राकेश लव को अपना गवाह बनाया।
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पीएम नरेंद्र मोदी
जांच के बाद सब रजिस्ट्रार थर्ड मुकेश सागर ने गोदनामे के इस आवेदन को इस आपत्ति के साथ वापस कर दिया कि यह गोदनामा एक पक्षीय है। गोद लिए जाने वाले व्यक्ति व उसके माता-पिता की सहमति और उनकी उपस्थिति विलेख में नहीं है। योगेंद्र पाल योगी का कहना है कि वह प्रधानमंत्री की सहमति लेने और आपत्ति के निस्तारण के लिए इस आपत्ति पत्र को पीएमओ भेजेंगे।
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yogendra pal yogi - फोटो : अमर उजाला
इसके साथ ही प्रधानमंत्री की निजी ईमेल आईडी पर भी इसे अपलोड किया जाएगा। उनका कहना है कि इस पूरे मामले में वह सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं से भी सलाह लेंगे। बता दें कि उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग के सदस्य नाहिद खान की ओर से पीएम मोदी से सात दिनों के अंदर गोद लिए जाने संबंधी कागजात दिखाने को चुनौती दी गई थी।
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विधिक रूप से हैं कई अड़चन

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पीएम मोदी हरदोई रैली में मंच से बोलते हुए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गोद लिए जाने के मामले में कानूनी दिक्कतें भी हैं। बाल कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष दिनेश शर्मा के अनुसार सिर्फ नाबालिग को ही गोद लिया जा सकता है। इसके अलावा गोद लेने वाले और देने वाले दोनों पक्षों का होना आवश्यक है। साथ ही गोद लिए जाने वाले बालक और उसे गोद लेने वाले व्यक्ति की उम्र के बीच कम से कम 20 साल का अंतर होना आवश्यक है।

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pm modi
नगर पंचायत पतला के पूर्व चेयरमैन एवं पतला डिग्री कॉलेज, चौधरी चरण सिंह आईटीआई, गायत्री देवी महिला विद्यापीठ के प्रबंधक योगेंद्र पाल योगी ने बताया कि उन्होंने 100 रुपये के स्टांप पर वकील की मदद से पीएम मोदी को गोद लेने का गोदनामा तैयार करा लिया है, जिसे मंगलवार को उन्होंने गाजियाबाद रजिस्ट्रार के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

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pm modi - फोटो : getty images
बता दें की उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग के सदस्य नाहिद खान की ओर से गत दिनों पीएम मोदी से सात दिन के भीतर गोद लिए जाने संबंधी कागजात दिखाने की चुनौती दी गई थी। योगी इसी चुनौती का जवाब देना चाहते हैं।
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15 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति को नहीं ले सकते गोद

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pm modi
इस संबंध में वकील जयप्रकाश बंसल ने बताया कि नियमानुसार 15 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति को कानूनी तौर पर गोद नहीं लिया जा सकता है। कानून में ऐसा कोई प्रावधान ही नहीं है। दूसरी बात यह कि खुद की संतान होने पर कोई व्यक्ति किसी को गोद नहीं ले सकता है। साथ ही गोद लेने की प्रक्रिया में पत्नी की सहमति भी जरूरी है।
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