उपहार अग्निकांड की 20वीं बरसी पर इस हादसे में जान गंवाने वाले 59 मृतकों के परिजनों व शुभचिंतकों ने मंगलवार को उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।उन्होंने उनके मामले में न्याय पालिका के रवैये पर निराशा भी जताई। साथ ही सभी ने उपराज्यपाल से गोपाल अंसल की दया याचिका को स्वीकार न करने का आग्रह किया। मृतकों के परिजन व शुभचिंतक उनकी याद में बने ग्रीन पार्क एक्सटेंशन स्थित स्मृति उपवन में सुबह 9 बजे एकत्रित हुए। सभी ने पुष्प अर्पित कर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
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uphaar tragedy
- फोटो : अमर उजाला
उपहार दुर्घटना पीड़ित एसोसिएशन की अध्यक्ष नीलम कृष्ण मूर्ति व अन्य ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दो दशक बीतने के बावजूद पूरी तरह न्याय नहीं मिला। सर्वाधिक निराशा सर्वोच्च न्यायालय के 9 फरवरी के फैसले से हुई है। इस फैसले में सुशील अंसल को आयु के आधार पर राहत प्रदान कर दी गई, वहीं गोपाल अंसल को भी मात्र एक वर्ष कैद की सजा दी गई।
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उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में 40 वर्ष पुराने एक मामले में 90 वर्षीय वृद्ध को आजीवन कारावास देते हुए तर्क रखा कि इंसाफ के लिए ये जरूरी है। वहीं, यह दुर्भाग्य है कि 59 लोगों की जान लेने वाले गोपाल अंसल को मात्र एक वर्ष की कैद। वहीं 76 सुशील अंसल जब गोल्फ खेलने के लिए फिट हैं, वह अपनी व्यावसायिक गतिविधियों को जारी रख सकते हैं और विदेशों में आ-जा सकते हैं, तो फिर उसे आयु के आधार पर छूट क्यों।
जब 90 वर्ष की आयु के व्यक्ति को आजीवन कारावास दिया जा सकता है तो अंसल को छूट क्यों। नीलम कृष्ण मूर्ति ने कहा कि हम जल्द ही उपराज्यपाल को ज्ञापन देकर गोपाल अंसल द्वारा दायर दया याचिका को स्वीकार न करने की मांग करेंगे। हम पिछले 20 वर्षों से दर्द, खालीपन और हताशा से जी रहे हैं, आशा है वे हमारी बात सुनेंगे।