N 95 मास्क से ज्यादा सुरक्षित सूती कपड़े का मास्क
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इन बातों का भी रखें ध्यान
-बच्चों को लाड़-दुलार करते समय उनके चूमना नहीं चाहिए। क्योंकि, सांस और थूक के माध्यम से उन्हें भी संक्रमण लग सकता है।
-आपके घर में कोई बुजुर्ग है तो उनके पास मास्क पहनकर ही जाएं। बुजुर्गों को भी घर में बना सूती मास्क लगाना चाहिए।
-यदि खांसी या छींक आती है तो मास्क को हटाएं नहीं, इससे संक्रमण बाहर निकल दूसरों को भी प्रभावित कर सकता है।
-बिना मास्क लगाएं घर से कतई न निकलें और हो सके तो भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में न जाएं।
-मास्क को रोजाना धोकर ही इस्तेमाल करें। हो सके तो नमक के पानी में उसे उबाला जाए।
एन-95 मास्क हो या फिल्टर और वॉल्व लगा कोई भी मास्क यह लोगों को नहीं पहनना चाहिए। इस कारण यह है कि जब भी कोई संक्रमित व्यक्ति बाहर की तरफ सांस छोड़ता है तो उसके शरीर में मौजूद संक्रमण के कण बाहर हवा में फैल जाते हैं। इससे और लोगों को भी संक्रमण हो सकता है। मास्क लगाने का मुख्य कारण ये होता है कि एक व्यक्ति से दूसरे में संक्रमण न फैले, लेकिन फिल्टर वाले एन-95 मास्क लगाने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि इस मास्क को न लगाएं।
-डॉ. जुगल किशोर, सफदरजंग अस्पताल