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सुरक्षित नहीं है एन-95 मास्क, सूती कपड़े का बना मास्क है ज्यादा कारगर

Tue, 28 Jul 2020 01:48 AM IST
Vikas Kumar अभिषेक पांचाल, अमर उजाला, नई दिल्ली
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N 95 मास्क से ज्यादा सुरक्षित सूती कपड़े का मास्क - फोटो : amar ujala
भले ही लोग एन-95 मास्क को सुरक्षित मानते हों, लेकिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय एडवाइजरी जारी कर चुका है कि यह मास्क सुरक्षित नहीं है। क्योंकि, इसके छिद्र में से संक्रमण का आवागमन हो सकता है। इससे खुद के साथ दूसरे लोगों को भी संक्रमण लगने का खतरा है। डॉक्टरों ने भी इस पर चिंता जताते हुए इसका प्रयोग नहीं करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि घर पर बने सूती मास्क को ही प्राथमिकता देनी चाहिए।
 
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N 95 मास्क लगाए सब्जी विक्रेता - फोटो : amar ujala
इसमें संक्रमण निकल सकता है बाहर
एम्स अस्पताल के डॉक्टर अमरींद्र बताते हैं कि लोग अब भी फिल्टर वाले एन-95 मास्क लगा रहे हैं। यह कोरोना संक्रमण को रोकने में सक्षम नहीं हैं। क्योंकि, यदि कोई व्यक्ति संक्रमित है और वह फिल्टर वाला मास्क लगाता है तो उसकी सांस में मौजूद वायरस फिल्टर यानी रेस्पिरेटर के जरिए बाहर निकल सकता है। यह मास्क खास परिस्थिति में अस्पताल के डॉक्टरों के लिए या फिर प्रदूषण से बचाव के लिए लगाए जाते हैं। देखा जा रहा है कि लोग घर से बाहर निकलते समय और अस्पताल जाते समय भी इसका प्रयोग कर रहे हैं, जो गलत है। डॉक्टर ने लोगों से अपील की है कि इस मास्क का प्रयोग न करें। 
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N 95 मास्क लगाN 95 मास्क लगाए फल विक्रेताए सब्जी विक्रेता - फोटो : amar ujala
घर पर बनाए मास्क काफी कारगर
अपोलो अस्पताल के डॉ. यश बताते हैं कि संक्रमण से बचाव के लिए घर पर बनाए मास्क सबसे ज्यादा कारगर हैं। चेहरा ढकने के लिए किसी भी उपयोग किए हुए सूती कपड़े का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे मास्क बनाने के लिए पहले कपड़े को पांच मिनट तक उबले पानी में धोना चाहिए और उसे अच्छी तरह सुखाना चाहिए। यदि संभव हो तो नमक के पानी में उबालना चाहिए। मास्क लेते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें की मास्क आपके साइज का हो। कई बार ऐसा होता है कि लोग मास्क तो ले लेते हैं, लेकिन उसमें पूरी तरह हवा आती-जाती रहती है। इन्हें पहनने का कोई फायदा नहीं होता है। 

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N 95 मास्क से ज्यादा सुरक्षित सूती कपड़े का मास्क - फोटो : amar ujala
बाजार में इस तरह के मास्क मौजूद 
ट्रिपल लेयर मास्क : संक्रमण से बचने के लिए यह मास्क काफी कारगर है, लेकिन इससे 70 से 80 फीसदी तक ही बचाव हो पाता है। तीन लेयर होने की वजह से यह संक्रमण को कुछ हद तक रोकने में कामयाब रहता है। इसकी कीमत 40 रुपये से शुरू होती है और 200 रुपये तक है।

सिक्स लेयर मास्क : यह संक्रमण से काफी हद तक बचाव करता है। इससे संक्रमण में लगभग 80 फीसदी बचाव हो सकता है। यह 100 से 800 रुपये तक में उपलब्ध है। इस मास्क को कई बार धोकर इस्तेमाल किया जा सकता है ।

एन-95 मास्क : इस समय बाजार में एन-95 मास्क भी उपलब्ध है। यह 200 से 500 रुपये तक मिल रहे हैं। 
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N 95 मास्क से ज्यादा सुरक्षित सूती कपड़े का मास्क - फोटो : amar ujala
ऑनलाइन हो रही बिक्री
ऑनलाइन भी मास्क काफी संख्या में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन्हें कॉटन से लेकर खादी और लिनन फैब्रिक में बनाया जा रहा है। सदर बाजार स्थित हार्ट बीट गिफ्ट गैलरी में कई तरह के मास्क उपलब्ध हैं। संचालक कमल गोयल ने बताया कि इनकी मांग धीरे-धीरे बढ़ रही है। लोग कुछ हटकर और अलग डिजाइन में भी मास्क की डिमांड कर रहे हैं।
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N 95 मास्क से ज्यादा सुरक्षित सूती कपड़े का मास्क - फोटो : amar ujala
इन बातों का भी रखें ध्यान
-बच्चों को लाड़-दुलार करते समय उनके चूमना नहीं चाहिए। क्योंकि, सांस और थूक के माध्यम से उन्हें भी संक्रमण लग सकता है।
-आपके घर में कोई बुजुर्ग है तो उनके पास मास्क पहनकर ही जाएं। बुजुर्गों को भी घर में बना सूती मास्क लगाना चाहिए।
-यदि खांसी या छींक आती है तो मास्क को हटाएं नहीं, इससे संक्रमण बाहर निकल दूसरों को भी प्रभावित कर सकता है।
-बिना मास्क लगाएं घर से कतई न निकलें और हो सके तो भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में न जाएं।
-मास्क को रोजाना धोकर ही इस्तेमाल करें। हो सके तो नमक के पानी में उसे उबाला जाए।

एन-95 मास्क हो या फिल्टर और वॉल्व लगा कोई भी मास्क यह लोगों को नहीं पहनना चाहिए। इस कारण यह है कि जब भी कोई संक्रमित व्यक्ति बाहर की तरफ सांस छोड़ता है तो उसके शरीर में मौजूद संक्रमण के कण बाहर हवा में फैल जाते हैं। इससे और लोगों को भी संक्रमण हो सकता है। मास्क लगाने का मुख्य कारण ये होता है कि एक व्यक्ति से दूसरे में संक्रमण न फैले, लेकिन फिल्टर वाले एन-95 मास्क लगाने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि इस मास्क को न लगाएं।
-डॉ. जुगल किशोर, सफदरजंग अस्पताल
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