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अब घर में बची हैं सिर्फ ये दोनों बहनें, क्या इससे भी मिलेगा सबक

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न्यू अशोक नगर इलाके में शुक्रवार देर रात तेज रफ्तार डस्टर कार एंबुलेंस को टक्कर मारने के बाद कोंडली नहर में जा गिरी। स्थानीय लोगों ने डस्टर सवार पांच में से किसी तरह तीन को तो बाहर निकाल लिया। (सभी फोटो/ जी पॉल, अमर उजाला ब्यूरो)
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लेकिन दो सगे भाइयों दीपक (21) और पवन (19) की मौत हो गई। एंबुलेंस चालक समेत घायलों को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो हादसे के समय कार की गति 120 से अधिक रही होगी। पुलिस लापरवाही का मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है।
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दीपक व पवन अपनी दो बहनों शोभा (23) व नीलम (21) के साथ 16/30 त्रिलोकपुरी में रहते थे। दीपक नोएडा की एक कंपनी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था, जबकि पवन कोटला स्थित एक वर्कशॉप में मैकेनिक था।

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शुक्रवार देर रात दोनों भाई घर पर थे। इस बीच 12 ब्लॉक निवासी उनका दोस्त कुलदीप (21) अपने भाई की डस्टर लेकर पहुंचा। कार में पहले से 16 ब्लॉक निवासी सन्नी (20) और रविश (20) मौजूद थे। इसके बाद सभी घर से निकल गए।
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न्यू अशोक नगर मेट्रो स्टेशन की ओर से धर्मशिला अस्पताल की ओर वापस लौटते समय इनकी कार का नियंत्रण बिगड़ गया। डस्टर पहले नहर की बाउंड्री से टकराई। इसके बाद सामने से आ रही खाली एंबुलेंस को टक्कर मारी। बाद में यह कई फुट उछलकर धर्मशिला अस्पताल के पास नहर में जा गिरी।
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कार गिरते ही मौके पर मौजूद स्थानीय लोग नहर में कूद गए। सन्नी, रविश और कुलदीप को नहर से निकालने के बाद एंबुलेंस चालक अमित के साथ उन्हें अस्पताल ले जाया गया। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस व दमकल कर्मियों ने डस्टर समेत नहर से पवन व दीपक के शव निकाले। पुलिस की मानें तो हादसे के समय कुलदीप कार चला रहा था। रफ्तार अधिक होने की वजह से नियंत्रण बिगड़ गया। मामला दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
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देर रात करीब 12ः00 बजे के आसपास हादसा हुआ। अमूमन इतनी रात को सड़कों पर चहल पहल नहीं होती है। लेकिन पास में धर्मशिला अस्पताल होने की वजह से वहां देर रात को भी लोग मौजूद थे। इसका फायदा कुलदीप, सन्नी और रविश को मिला। लोगों ने समय रहते उनकी मदद कर जान बचा ली। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिस व दमकल कर्मियों का इंतजार किया जाता तो शायद तीनों की जान नहीं बच पाती। तीनों को तैरना भी नहीं आता था। स्थानीय लोगों ने उन्‍हें नई जिंदगी दी।

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दीपक और पवन की चाची तारा ने बताया कि दोनों भाइयों के अलावा घर में कोई भी पुरुष सदस्य नहीं है। बचपन में मां की मौत हो गई थी। पिता राजकुमार ने अपने बच्चों को किसी तरह पाला था। लेकिन एक साल पहले राजकुमार की भी मौत हो गई।

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अब घर में दोनों भाइयों के अलावा नीलम व शोभा दो बहनें थीं। दोनों भाइयों को अपनी बहनों की शादी की चिंता थी। दोनों कड़ी मेहनत कर शादी के लिए रकम जोड़ रहे थे। लेकिन शायद भगवान को कुछ और ही मंजूर था। दोनों भाइयों की एक साथ मौत हो गई। अब सभी रिश्तेदारों को यह चिंता सता रही है कि नीलम व शोभा की शादी कैसे होगी। रिश्तेदारों के अलावा दोनों बहनों का रोते-रोते बुरा हाल है। दिन भर त्रिलोकपुरी में स्थानीय लोगों का तांता लगा रहा।
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दीपक व पवन की मौत को उनके परिजन गहरी साजिश बता रहे हैं। चाची तारा का आरोप है कि जानबूझकर कार को नहर में गिराया गया। तीनों दोस्तों ने साजिश रचकर उसकी हत्या की है। हालांकि पूर्वी जिला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ऐसे आरोपों से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि पूरा मामला सिर्फ हादसा है।
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