मणिपुर के छात्र प्रवीश चनम की गुमशुदगी और संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में एसएसपी लव कुमार ने शुक्रवार को लापरवाही बरतने पर दो और पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। वहीं, प्रवीश के बड़े भाई रविकांत और चचेरी बहन समेत दोस्तों व परिचितों ने शुक्रवार को एसएसपी से उनके सूरजपुर स्थित कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घटना को लेकर अपनी शिकायत और मांगों संबंधी चार पेज का एक पत्र भी एसएसपी को सौंपा। एसएसपी ने उनकी पूरी मदद और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
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भाई रविकांत ने बताया कि उन लोगों ने पत्र में एसएसपी से मांग की है कि घटनाक्रम में जो भी पुलिसकर्मी और जिला अस्पताल कर्मी दोषी हैं उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, उनका भाई जिला अस्पताल से नौ सितंबर की सुबह साढ़े छह बजे निकलने के बाद कहां रहा। उसके सिर पर चोट कैसे लगी। इसके पीछे कोई वारदात या साजिश तो नहीं है। इन सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कराई जाए।
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मामले में एसएसपी लव कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे ही उन्हें लापरवाही की जानकारी मिल गई थी। इसके बाद सीओ ग्रेटर नोएडा द्वितीय पीयूष सिंह से मामले की प्राथमिक जांच कराई गई। उनकी रिपोर्ट के आधार पर बृहस्पतिवार को ही नॉलेज पॉर्क थाना प्रभारी अखिलेश त्रिपाठी को लाइन हाजिर कर दो दरोगा व एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया था। शुक्रवार को भी मामले में थाना सेक्टर-20 के मुंशी कृपाल गिरी और सिपाही धर्मेंद्र कुमार को निलंबित किया गया है। इन्होंने तत्कालीन निठारी चौकी प्रभारी राकेश बाबू द्वारा लावारिस शव की सूचना देने के बाद भी कंट्रोल रूम को सूचित नहीं किया था। प्रवीश जिला अस्पताल से निकलने के बाद कहां गया। उसके सिर पर चोट कैसे लगी। इसकी जांच नोएडा एएसपी अभिनंदन को सौंपी गई है। वह नॉलेज पॉर्क थाने में दर्ज गुमशुदगी को ही एफआईआर मानकर जांच करेंगे। जांच में जो तथ्य मिलेंगे उसके अनुसार धाराएं जोड़ी जाएंगी।
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प्रविस चनम
- फोटो : अमर उजाला
कार मार्केट के मैकेनिक ने दी थी सूचना
थाना सेक्टर-20 प्रभारी निरीक्षक अनिल शाही ने बताया कि शाम 5:10 बजे निठारी कार मार्केट के एक मैकेनिक ने 100 नंबर पर पुलिस को फोन कर एलिवेटेड रोड के पिलर के पास युवक के बेहोश पड़े होने की सूचना दी थी। सूचना पर पीआरवी और निठारी चौकी प्रभारी राकेश बाबू मौके पर पहुंचे थे। ये लोग प्रवीश को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद चौकी प्रभारी ने कार मार्केट के मैकेनिक से दोबारा शव के बारे में पूछताछ की, लेकिन सभी ने जानकारी होने से इंकार किया। शव वहां कब से पड़ा था ये कोई नहीं बता सका।
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चोट से हत्या की आशंका
प्रवीश के परिजन का कहना है कि वह जिला अस्पताल में सही-सलामत भर्ती हुआ था। इसके बाद वह देर रात और सुबह साढ़े छह बजे अस्पताल से जाने के बीच कई बार बिस्तर से उठकर इधर-उधर गया। रात में एक बार बाहर निकलकर वह चाय पीने भी गया था। इससे साफ है कि उसका नशा उतर चुका था। ऐसे में सवाल उठता है कि 11 घंटे बाद शाम करीब पांच बजे उसका शव अस्पताल से ही चंद दूरी पर कैसे मिला। पोस्टमार्टम में उसके सिर और शरीर पर कई चोटें मिली हैं। इससे उसकी मौत हादसा नहीं हत्या प्रतीत होती है। इधर, जिला अस्पताल की कार्यवाहक सीएमएस रेनू अग्रवाल ने बताया कि प्रवीश अस्पताल से बिना किसी को बताए या डिस्चार्ज हुए कैसे चला गया, इसकी जांच कराई जा रही है। इसके लिए एक समिति गठित की गई है।
एनईएफआईएस ने की सीबीआई जांच की मांग
प्रवीश मामले में नॉर्थ ईस्ट फोरम फॉर इंटरनेशनल सॉलिडरिटी (एनईएफआईएस) ने सीबीआई जांच की मांग की है। शुक्रवार को संस्था के लोगों ने सूरजपुर स्थित एसएसपी ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया। प्रवीश के भाई व दोस्त सोशल मीडिया पर भी अभियान चला रहे हैं।