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तुर्कमान गेट बवाल में नए खुलासे: घर छोड़कर भागे पत्थरबाज, मीडिया इंफ्लुएंसर मास्टरमाइंड; व्हाट्सएप बना हथियार

Thu, 08 Jan 2026 08:53 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि करीब चार से पांच व्हाट्सएप ग्रुप को कड़ी निगरानी में रखा गया है। अधिकारियों ने कहा कि घटना से ठीक पहले किसी नए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाने के संकेत नहीं मिले हैं, हालांकि यह जांच का विषय है कि अफवाहें पूर्व नियोजित थीं या नहीं।
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Delhi Turkman Gate - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
मध्य दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित दरगाह फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा मामले में पुलिस ने छह और लोगों को गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है जबकि 50 से ज्यादा की पहचान पुलिस ने कर ली है। गिरफ्तार लोगों में अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अतहर और उबैद शामिल हैं। एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
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Delhi Turkman Gate - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
व्हाट्सएप ऑडियो संदेशों से फैली मस्जिद तोड़ने की अफवाह : पुलिस
फैज-ए-इलाही मस्जिद तोड़ने की अफवाह फैलाने और हिंसा भड़काने में कई व्हाट्सएप समूहों में प्रसारित भ्रामक ऑडियो संदेशों की अहम भूमिका सामने आई है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने गलत सूचनाओं को रोकने के लिए काफी कदम उठाए थे। कई ग्रुपों पर इन अफवाह का खंडन भी किया गया। इससे भीड़ के आकार को सीमित करने और व्यापक स्तर पर लोगों के जुटने से रोकने में कुछ हद तक मदद भी मिली।
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दिल्ली में मस्जिद के पास बुलडोजर एक्शन के बाद बवाल के बाद मलबा और तैनात सुरक्षाबल - फोटो : एएनआई
चार से पांच व्हाट्सएप ग्रुप पर नजर
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि करीब चार से पांच व्हाट्सएप ग्रुप को कड़ी निगरानी में रखा गया है। अधिकारियों ने कहा कि घटना से ठीक पहले किसी नए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाने के संकेत नहीं मिले हैं, हालांकि यह जांच का विषय है कि अफवाहें पूर्व नियोजित थीं या नहीं। अधिकारी ने बताया कि मस्जिद तोड़ने की भ्रामक सूचना जारी होने का पता चलते ही पुलिस सक्रिय हो गई थी। एसीपी और एसएचओ ने अमन समिति के सदस्यों, समुदाय के वरिष्ठों और धार्मिक नेताओं से संपर्क कर स्पष्ट किया कि मस्जिद को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं धर्मगुरुओं से बातचीत कर आशंकाएं दूर कीं।

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दिल्ली में मस्जिद के पास बुलडोजर एक्शन - फोटो : पीटीआई
मौलवियों के साथ बैठक की थी...
एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मध्य जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त निधिन वल्सन ने अभियान से कुछ दिन पहले 120 से अधिक मौलवियों के साथ बैठक की थी और साफ तौर पर बताया था कि अवैध अतिक्रमण ही हटाए जाएंगे। मस्जिद इस कार्रवाई के दायरे में नहीं है। धार्मिक नेताओं को बताया गया था कि अदालत के आदेश को चुनौती देने के लिए उनके पास कानूनी विकल्प उपलब्ध है।
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दिल्ली में मस्जिद के पास बुलडोजर एक्शन, बवाल के बाद आंसू गैस के गोले दागता पुलिसकर्मी - फोटो : पीटीआई
उपद्रवी घर पर ताला लगाकर फरार
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने जिन उपद्रवियों की पहचान की है सभी घरों पर ताला लगाकर फरार हैं। इधर, कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच दरगाह फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने का सिलसिला बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार और बुधवार की मध्यरात्रि मस्जिद से सटा कुछ अवैध निर्माण पूरी तरह ध्वस्त नहीं किया गया था। बृहपतिवार को बुलडोजर ओर क्रेन की मदद से उसको भी जमींदोज कर दिया गया। मौके से मलबा हटाने का काम लगातार जारी है।
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दिल्ली में मस्जिद के पास बुलडोजर एक्शन के बाद बवाल के बाद मलबा - फोटो : एएनआई
150 से 200 लोग थे शामिल
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त निधिन वल्सन ने बताया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम लगातार मामले की जांच कर रही है। सीसीटीवी कैमरों के अलावा वायरल हो रहे वीडियो, बॉडी वार्न कैमरों की फुटेज और वीडियोग्राफी की फुटेज से आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस के बार-बार अनुरोध करने के बाद भी कई शरारती लोगों ने हिंसा की। इनमें 150 से 200 लोग शामिल हैं। बलवे के समय ड्रोन से भी वीडियो बनाई गई। पुलिस ने बृहस्पतिवार को ड्रोन की एक वीडियो जारी की जिसमें उपद्रवी पुलिस पर पत्थर फेंकने के अलावा आंसू गैस के गोलों को वापस पुलिस की ओर फेंकते हुए दिख रहे हैं। बाद में किस तरह पुलिस ने उनको खदेड़ा गया।
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दिल्ली में मस्जिद के पास बुलडोजर एक्शन के बाद बवाल के बाद बिखरे पत्थर - फोटो : पीटीआई
सांसद पर भड़काने के आरोप, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर भी संदेह के घेरे में
पुलिस ने बताया कि यूपी के रामपुर से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी भी बलवे से पहले मीटिंग करने आए थे। उन पर भी लोगों को भड़काने के आरोप लगे हैं। पुलिस जल्द नोटिस देकर उन्हें पूछताछ में शामिल होने के लिए कहेगी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिंसा के समय कई सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर का रोल भी संदिग्ध पाया गया है। पुलिस इनको भी पूछताछ के लिए बुलाएगी। इसके अलावा कई व्हाट्सएप ग्रुप भी पुलिस के रडार पर हैं। इनके जरिए हिंसा फैलाई गई। पुलिस की सोशल मीडिया टीम लगातार इनकी पड़ताल करने में जुटी हुई है।

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दिल्ली में मस्जिद के पास बुलडोजर एक्शन, तैनात फोर्स - फोटो : पीटीआई
अर्द्धसैनिक बलों की भी कई कंपनी तैनात
हालात देखते हुए पुलिस ने रामलीला मैदान से तुर्कमान गेट की ओर जाने वाला रास्ता बंद किया हुआ है। पुलिस के अलावा अर्द्धसैनिक बलों की कई कंपनियों को मौके पर तैनात किया गया है। तुर्कमान गेट के आसपास दंगा नियंत्रण वाहन भी मौजूद हैं। खुद पुलिस उपायुक्त निधिन वल्सन, संयुक्त पुलिस उपायुक्त मधुर वर्मा समेत जिले के तमाम अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं। पुलिस की ओर से लगातार बैठकें की जा रही हैं।
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Delhi Turkman Gate - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
यह था पूरा मामला...
मध्य दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित दरगाह फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास मंगलवार को अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान शरारती तत्वों ने हिंसा कर दी थी। करीब 150 से 200 उपद्रवियों ने देर रात पुलिस पर पथराव कर दिया। इसमें क्षेत्र के थाना प्रभारी सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। काफी देर चले बवाल को पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर शांत कराया। इस दौरान लाठी चार्ज करने के अलावा आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। दरअसल कुछ शरारती लोगों ने अवैध अतिक्रमण की जगह मस्जिद तोड़ने की अफवाह फैला दी थी। इसकी वजह से बवाल हुआ।

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