मौसम चाहे कितनी भी सर्द क्यों न हो, किसान आंदोलन की रफ्तार धीमी होती नहीं दिख रही है। केंद्र सरकार की ओर से किसानों को समझाने की तमाम कोशिशों के बावजूद किसान रविवार के पूर्व घोषित आयोजन के लिए तैयार दिख रहे हैं। दिल्ली में आंदोलन का हिस्सा बने किसान अपने गांव संदेश भेजकर लोगों से अपील कर रहे हैं कि वह आंदोलन में जान गवांने वाले किसानों की याद में श्रद्धांजलि सभाएं रखें। संयुक्त किसान मोर्चा ने भी इसके लिए एक पोस्टर जारी किया है। इसमें उन किसानों की तस्वीरें हैं, जिनकी आंदोलन के दौरान मौत हो गई है।
तीन हफ्ते बाद तापमान में भले ही कई डिग्री की गिरावट आई, लेकिन किसानों के हौंसले का पारा गिरता नजर नहीं आ रही है। शनिवार को सिंघु बॉर्डर पर सुबह नौ बजे से शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी तो इसके बाद आगे की रणनीति तैयार करने के लिए बैठकें होंगी। करीब दो घंटे के दौरान किसान आंदोलन के शहीदों को याद किया जाएगा। अब तक टीकरी, सिंघु बॉर्डर पर 10 से अधिक किसान शहीद हो चुके हैं, जिन्हें याद कर आंदोलन को और मजबूत करने में किसान संगठन लगातार मंथन कर रहे हैं।
अमृतसर के जोगिंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने फोन से अपने लोगों को बता दिया है कि रविवार दोपहर 11 बजे से श्रद्धांजलि सभा होनी है। इसके बाद वह अपने स्तर पर तैयारी कर लें। गांव के सभी लोगों को शामिल होने को कहा है। मोर्चा की तरफ से जारी तस्वीर भी वाट्सअप से भेज दी है। कोशिश यही है कि पूरे देश में होने वाले इस कार्यक्रम से सरकार पर दबाव बढ़ाया जाए।