पश्चिम बंगाल की तरह राजधानी के अनेक इलाके मां दुर्गा पूजा के रंग में रंग गए हैं। मां दुर्गा के आगमन के साथ ही पंडालों में शनिवार को पूजा अर्चना करने का सिलसिला शुरू हो गया। महल रूपी पंडालों में मां की आराधना करने के लिए शनिवार और रविवार को श्रद्धालुओं की अपार भीड़ जुटी। अनेक स्थानों पर पंडालों में संगीत, खेल आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। (फोटो: आरामबाग पुजा समिति द्वारा उरी में शहीद सेना के जवानों को कुछ इस तरह श्रद्धांजली दी गई)
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- फोटो : कुमार संजय
राजधानी स्थित चितरंजन पार्क, काली बाड़ी, आरामबाग मिंटो रोड, द्वारका, चांदनी चौक, कनॉटप्लेस, कापसहेड़ा आदि स्थानों पर पंडालों में सुबह दुर्गा मां की मूर्ति स्थापित की गई। (फोटो:आरामबाग पुजा समिति प्रतिवर्ष दुर्गापुजा के पंडाल एक विशेष थीम पर आधारित होती है। इस वर्ष मां दुर्गा की प्रतिमा जूट से बना कर जूट किसानों की समस्यों से लोगों को अवगत करने की कोशिश की गई है। माता दुर्गा की जूट की प्रतिमां के साथ सेल्फी लेती युवतियां।)
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- फोटो : कुमार संजय
इसके बाद मां का अभिषेक किया गया। आरती होने के बाद श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना करने का सिलसिला शुरू किया। पूरे दिन श्रद्धालु माता की पूजा करने के लिए पहुंचते रहे। शाम में पंडालों में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ हो गई थी। देर शाम तक श्रद्धालुओं से पंडाल भरे रहे।
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- फोटो : कुमार संजय
उधर, दक्षिण दिल्ली का चितरंजन पार्क तो पूरी तरह दुर्गामय बना हुआ है। यहां करीब ढाई दर्जन पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिभा स्थापित की गई है। यहां अधिकतर पंडालों को महल का रूप दिया गया है। पंडालों में पूरा दिन श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा। यहां पर पूजा करने वालों के अलावा मेला देखने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग आए।
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- फोटो : कुमार संजय
सफदरजंग एंक्लेव में गायिका कविता कृष्णमूर्ति ने मां का गुणगान किया। पंडालों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया और भक्तों के लिए भंडारे की भी व्यवस्था की गई।
श्रद्धालु पूरा दिन एक-दूसरे पंडाल में मां के दर्शन के लिए घूमते रहे और भक्ति संगीत कार्यक्रमों में जमकर झूमे। इसके चलते राजधानी के कई इलाकों में बंगाल की झलक दिखाई दी।