कुतुब मीनार
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दूधिया रोशनी में नहलाने के लिए 358 एलईडी लाइटें लगाई गई हैं। इन लाइटों के प्रयोग से 62 प्रतिशत बिजली कम खर्च होगी। इन पर एक माह में लगभग 16615 रुपये का खर्च आएगा, जबकि एक साल में बिजली खर्च पर एक लाख 99 हजार 388 रुपये खर्च होंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा अब तक लालकिले, सफदरजंग और हुमायूं के मकबरे को पहले ही लाइटिंग से सजाया जा चुका है।