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बहुत कुछ देखा होगा, पर नहीं देखी होगी इनकी दरियादिली

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बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की सालगिरह पर सर्वोच्च न्यायालय को धन्यवाद देने के लिए ट्रांसजेंडरों ने नेत्र-दान कैंप लगाया। (सभी फोटोः जीपॉल/अमर उजाला)
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मालूम हो कि एक साल पहले 15 अप्रैल के ही दिन माननीय सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर को तीसरे लिंग के रूप में दर्जा दिया था
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ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी इस इवेंट की मुख्य संयोजक थीं।

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बुधवार को सुबह 9:30 बजे से ये लोग सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद देता हुआ मैसेजबोर्ड लेकर घूम रही थीं।
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इस आयोजन में इनका साथ स्वामी अग्निवेष ने भी दिया।
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इसके बाद ये लोग जंतर मंतर पर अपने नेत्रदान करने का फॉर्म भरकर इकट्ठा हुईं।
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यहां उन्होंने अपनी आंखें दान करने का निश्चय किया।

बहुत कुछ देखा होगा, पर नहीं देखी होगी इनकी दरियादिली

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लक्ष्मी ने इस मौके पर कहा हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने हमें तीसरे जेंडर का दर्जा दे दिया है लेकिन सरकार का रवैया बहुत सकारात्मक नहीं रहा है।

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उनका कहना था कि वह इस मौके पर राजनीतिज्ञों को भी संदेश देना चाहेंगी कि उनके साथ भेदभाव न किया जाए।
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उनका कहना था कि वह इस मौके पर राजनीतिज्ञों को भी संदेश देना चाहेंगी कि उनके साथ भेदभाव न किया जाए।
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