फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तस्वीरे: सांपों को बचाने में खतरे में पड़ी जान

विज्ञापन
1 of 9
गुड़गांव के गांव गड़ौली के एक शख्स ने अपना जीवन में खतरनाक सांपों को अपना दोस्त बनाया है।
विज्ञापन

तस्वीरे: सांपों को बचाने में खतरे में पड़ी जान

2 of 9
इस काम में उन्हें अब तक 10 बार विषधर सांपों ने डंसा भी है। जीवन संकट में आने के बावजूद वह दुगने उत्साह से आज भी इस काम में लगे हुए हैं। इसके लिए किसी से भी कोई शुल्क नहीं लेते। यह सिर्फ उनका शौक है।
विज्ञापन

तस्वीरे: सांपों को बचाने में खतरे में पड़ी जान

3 of 9
चाहे वक्त कोई भी हो। वह भी बिना वक्त गंवाए वहां पहुंच जाते हैं। सांप को पकड़ वह जंगलों या सुनसान स्थानों पर सांप को छोड़ आते हैं।

तस्वीरे: सांपों को बचाने में खतरे में पड़ी जान

4 of 9
अनिल कहते हैं कि शुरू में घर वाले मना करते थे मगर अब वे भी अब सहयोग करने लगे हैं। उनकी पत्नी सुमन देवी भी सहयोग करती हैं।
विज्ञापन

तस्वीरे: सांपों को बचाने में खतरे में पड़ी जान

5 of 9
सांप अनायास किसी को नहीं काटते हैं। अगर कोई इन्हें छेड़ता है या नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है तभी यह डंसते हैं, अन्यथा नहीं।
विज्ञापन

तस्वीरे: सांपों को बचाने में खतरे में पड़ी जान

6 of 9
अनिल को वाइल्ड लाइफ के प्रति बचपन से ही लगाव था। वह जब देखते थे कि लोग सांपों को मार रहे हैं तो उन्हें दु:ख होता था। तभी से उन्होंने यह मन बना लिया था कि वह सांपों को बड़े होकर बचाएंगे।
विज्ञापन

तस्वीरे: सांपों को बचाने में खतरे में पड़ी जान

7 of 9
देश में सांप के काटने से प्रति वर्ष एक लाख लोग मरते हैं। इसमें से 10 हजार सर्प विष से मरते हैं, जबकि 90 हजार लोग डर और हृदयघात से मर जाते हैं।

तस्वीरे: सांपों को बचाने में खतरे में पड़ी जान

8 of 9
इन सांपों को पकड़ सुरक्षित स्थान पर छोड़ चुके हैं अनिल
किंग कोबरा
स्पेक्टिकल कोबरा
ब्लैक कोबरा
मोनोकल कोबरा
पैट स्नेक (घोड़ा पछाड़)
सैंड कोबरा
रोक पाइथन (जनवरी में भोड़सी से पकड़ा)
विज्ञापन

तस्वीरे: सांपों को बचाने में खतरे में पड़ी जान

9 of 9
वह अपने साथ हमेशा फस्ट एड बॉक्स साथ रखते हैं। इसमें बैंडेज (बांधने के लिए), नाजा (होम्योपैथिक लिक्विड) और सिरिंज शामिल है। वहीं सांप को पकड़ने के लिए कैचर, टोंक, रॉड और सूती कपड़े का लंबा बैग भी साथ रखते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें