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वकील अंकल! मेरे पापा तो पुलिसवाले हैं, सब कहते हैं कि वह कम पढ़े-लिखे हैं, लेकिन आप तो...

Tue, 05 Nov 2019 08:51 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बच्चे का वीडियो वायरल - फोटो : अमर उजाला
वकील अंकल मेरे पापा तो पुलिसवाले हैं। सब कहते हैं कि वह कम पढ़े-लिखे हैं। गंवार टाइप हैं। कानून की जानकारी में फिसड्डी हैं। लेकिन आप तो पढ़े-लिखे, सम्य और कानून के जानकार हैं....। दिल्ली पुलिस के जवानों के समर्थन में इस तरह के मैसेज सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे। ये मेसेज सोमवार शाम से वायरल होने शुरू हुए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ‘वकील अंकल मेरे पापा तो पुलिस वाले हैं..’ मैसेज एक बच्चा दिखा रहा है। इस मैसेज में आगे लिखा है कि मेरे पापा ने आपके किसी साथी से बहस की और उसे पकड़ भी लिया तो आपको 100 नंबर पर कॉल करनी चाहिए थी। 
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बच्चे का वीडियो वायरल - फोटो : अमर उजाला
आप जज साहब के पास जाकर शिकायत कर सकते थे। आप तो बड़े लोग हैं..कई बार पुलिसवालों की वर्दी उतरवाने की धमकी देते हैं। आपके पास डीसीपी का नंबर है। आप उनको कॉल कर सकते थे। आपने मेरे पापा को क्यों मारा। कानून अपने हाथ में क्यों लिया? दूसरे वायरल मैसेज में कहा गया है, ‘दिल्ली की जनता से निवेदन है कि दिनांक 5 और 6 नवंबर को दिल्ली पुलिस आपकी सेवा नहीं कर पाएगी। अपने अस्तित्व को बचाने के लिए दिल्ली पुलिस दो दिन काम पर नहीं आ पाएगी। दिल्ली पुलिस के तमाम कर्मचारी पुलिस मुख्यालय पर एकत्र होंगे। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन मेसेज को लेकर दिल्ली पुलिस के अधिकारी कुछ भी कहने से बचते रहे।
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तीस हजारी कोर्ट के बाहर वकील - फोटो : अमर उजाला
तीस हजारी कोर्ट में वकीलों और पुलिस के बीच शनिवार को हुए बवाल के बाद सोमवार को वकीलों ने अदालतों में काम बंद कर पुलिस का विरोध किया। इससे हाईकोर्ट व निचली अदालतों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। सभी अदालतों में सुनवाई को स्थगित कर दिया गया। अदालतों में वकीलों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने की मांग की। हाईकोर्ट के वकीलों का विरोध शांतिपूर्ण रहा। दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यकारी सदस्य नागिंदर बेनिपाल ने कहा कि वकीलों की मांग है कि वकील पर गोली चलाने वाले सभी आरोपी पुलिसकर्मियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। 

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तीस हजारी कोर्ट में वकील - फोटो : अमर उजाला
साथ ही, दिल्ली पुलिस के जिन वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले के आदेश हुए हैं, उन्हें बर्खास्त करना चाहिए। दूसरी ओर, तीस हजारी कोर्ट में सुबह भारी संख्या में वकील पहुंचे और शाम तक पुलिस के विरोध में प्रदर्शन करते रहे। इस दौरान आने वाले लोगों को कोर्ट परिसर में तो प्रवेश मिल गया, लेकिन कोर्ट बिल्ंिडग में जाने की अनुमति नहीं दी गई। लिहाजा मामलों की सुनवाई के लिए आने वाले लोगों को परेशानी हुई। इस दौरान किसी भी अदालत में सुनवाई नहीं हुई और सभी मामलों में अगली तारीख दे दी गई। 
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तीस हजारी कोर्ट के बाहर वकील - फोटो : अमर उजाला
दूर-दराज से आए लोग परेशान
वकीलों की हड़ताल से हाईकोर्ट और निचली अदालतों में सुनवाई स्थगित होने से दूर-दराज से आए लोगों को खासकर परेशान होना पड़ा। चंडीगढ़ निवासी दीपक ने बताया कि उनके एक केस की सुनवाई तीस हजारी कोर्ट में चल रही है। वह चंडीगढ़ से आए थे, लेकिन कोर्ट पहुंचकर पता चला कि वकीलों की हड़ताल है। उन्होंने कोर्ट बिल्डिंग में जाने की कोशिश की तो उन्हें रोक दिया गया।
 
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तीस हजारी कोर्ट के बाहर पुलिस - फोटो : अमर उजाला
तीस हजारी मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा
तीस हजारी मेट्रो स्टेशन पर इस दौरान पुलिस बल की तैनाती की गई। पुलिस बल ने दिनभर मेट्रो स्टेशन प्लेटफार्म की चारदीवारी और स्टेशन से कोर्ट की ओर जाने वाले फुटओवर ब्रिज से निगरानी की। पुलिसकर्मियों ने दूर से ही नजर रखी। अन्य अदालतों में भी कोर्ट परिसरों में कोई पुलिसकर्मी नहीं दिखा। अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को वकीलों की हड़ताल समाप्त होने तक अदालतों में प्रवेश न करने के निर्देश दिए थे। 
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तीस हजारी कोर्ट में बवाल - फोटो : अमर उजाला
जांच रिपोर्ट आने तक नहीं होगी वकीलों पर कार्रवाई
वकीलों और पुलिस के बीच हुए बवाल पर रविवार को हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। मुख्य न्यायमूर्ति डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की खंडपीठ ने मामले में सुनवाई के बाद दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त संजय सिंह और उत्तरी जिला पुलिस अतिरिक्त उपायुक्त हरिंदर सिंह के तबादले और अन्य आरोपी पुलिसकर्मियों के निलंबन के आदेश दिए थे। हालांकि, इस सुनवाई में पुलिस को यह भी आदेश दिया गया था कि मामले की न्यायिक जांच की रिपोर्ट आने तक पुलिस वकीलों पर कोई कार्रवाई नहीं करेगी।
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