तीस हजारी कोर्ट में वकीलों व पुलिस के बीच हुए बवाल के दौरान लूटपाट की घटनाएं भी हुई थीं। जेल वैन के एक ड्राइवर के 17 हजार रुपये व लॉग बुक लूटी गई। इसके अलावा, एक सिपाही का पर्स भी लूटा गया था। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एसआईटी की जांच में यह बातें सामने आई हैं।
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tis hazari court
- फोटो : एएनआई
एसआईटी में ही लूटपाट की घटनाओं की जांच के लिए अलग टीम बनाई गई है। दूसरी तरफ, इस मामले में अभी जजों के बयान दर्ज नहीं हुए हैं। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बवाल के दौरान जेल वैन के ड्राइवर सिपाही सुभाष से लूटपाट की गई। वह जेल में बैठा था। उसका 17 हजार रुपये से भरा बैग लूट लिया गया। जेल वैन की लॉग बुक व गाड़ी के औजार भी लूटे गए।
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तीस हजारी कोर्ट बवाल
- फोटो : अमर उजाला
बाद में लॉग बुक को जला दिया गया। लॉग बुक में जेल वैन का हिसाब-किताब होता है। एसआईटी ने मंगलवार को सब्जी मंडी थाने में सुभाष के बयान दर्ज किए। इसके अलावा, एक सिपाही का पर्स भी लूट लिया गया था। एसआईटी ने मंगलवार शाम तक 60 लोगों के बयान दर्ज कर लिए थे। इनमें कुछ वकील भी हैं।
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तीस हजारी कोर्ट बवाल
- फोटो : अमर उजाला
अब तक किसी भी जज के बयान दर्ज नहीं हुए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मौके पर पांच से छह जज मौजूद थे। एसआईटी का कहना है कि हड़ताल की वजह से जज कार्यालय नहीं आ रहे हैं। इस कारण उनके बयान दर्ज नहीं हो पाए हैं। एसआईटी का कहना है कि वकीलों की हड़ताल से तफ्तीश प्रभावित हो रही है। जांच में पता चला है कि सबसे ज्यादा सिपाही शोभित को पीटा गया। पिटाई के कारण वह बेहोश हो गया था।
सीसटीवी फुटेजों को जांच के लिए भेजा
एसआईटी ने करीब 41 सीसीटीवी फुटेज को सोमवार को रोहिणी स्थित एसएफएल में जांच के लिए भेज दिया है। फोरेंसिक जांच से यह पता लग जाएगा कि फुटेज के साथ छेड़छाड़ तो नहीं की गई है। फुटेज से आरोपियों की पहचान हो रही है।