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द्वारका अग्निकांड में तीन की मौत: क्यों किसी को नहीं लगा आग का पता, क्या कर रहा था परिवार; पढ़ें इनसाइड स्टोरी

Tue, 10 Jun 2025 11:06 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यश के भतीजे योगेश ने बताया कि अशोक विहार में चाचा की दो फैक्टरी हैं। दो साल पहले उन्होंने द्वारका सेक्टर 13 के शबद अपार्टमेंट की नौवीं मंजिल पर फ्लैट खरीदा था।
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द्वारका अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
द्वारका सेक्टर 13 स्थित फ्लैट के हॉल से आग की शुरूआत हुई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरा कमरा धुएं से भर गया। नींद के आगोश में सोए हुए सदस्यों को जब धूएं की वजह से सांस लेने में दिक्कत हुई तो सभी की नींद खुली। आग देखते ही घर में अफरा-तफरी मच गई और सभी सुरक्षित जगह की ओर भागने लगे। हॉल में आग होने की वजह से यश, बेटी और भतीजा सीढ़ियों की ओर नहीं जा पाए और बालकनी में फंस गए। आग से बचने का कोई उपाय सूझता न देख तीनों ने इमरात से जान बचने की उम्मीद में छलांग लगा दी। गंभीर रूप से घायल होने से तीनों की मौत हो गई।
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यश और फ्लैट जिसमें लगी थी आग - फोटो : अमर उजाला
यश के भतीजे योगेश ने बताया कि अशोक विहार में चाचा की दो फैक्टरी हैं। दो साल पहले उन्होंने द्वारका सेक्टर 13 के शबद अपार्टमेंट की नौवीं मंजिल पर फ्लैट खरीदा था। वहां यश अपनी पत्नी ममता, बेटी आसीमा और बेटे आदित्य के साथ रहते थे। आदित्य बीसीए कर रहा है। योगेश ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ मोहन गार्डन इलाके में रहता है।
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द्वारका अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
4 जून से उसके घर पर भागवत कथा हो रहा थी, जिसमें परिवार के सभी लोग शामिल थे। वह सुबह जाते थे और रात को वापस आते थे। सोमवार को भंडारा होने से उनके चाचा का परिवार देर रात करीब एक बजे अपने घर पहुंचा था। उनके साथ उसकी चाची और चचेरे भाई भी उनके घर आए हुए थे।

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द्वारका अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
योगेश ने बताया कि चाचा, आसीमा और शिवम बालकनी के पास वाले कमरे में सोए थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य दूसरे कमरे में सोए थे। घटना के समय सभी सो रहे थे। अचानक हॉल में धुआं फैलने से नींद खुली। ये लोग कुछ समझ पाते तब तक पीवीसी पैनल ने आग पकड़ ली। धुआं और आग के बीच घर में अफरा-तफरी मच गई। 
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द्वारका अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
सभी ने एक दूसरे को आवाज लगाकर उठाया और सुरक्षित जगह की ओर भागे। योगेश ने बताया कि आग की लपटें बालकनी की ओर आने लगी होंगी तो चाचा, आसीमा और शिवम को लगा होगा कि अब नहीं बच पाएंगे। इसी वजह से तीनों छलांग लगा दी। योगेश ने बताया कि उनकी चाची ममता ने उन्हें बचाने की कोशिश की, इस दौरान वह धुएं की चपेट में आकर बेहोश हो गईं।

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