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ऐसे शहीद हुए थे गुरमेहर कौर के पिता, रात 1.15 बजे आतंकियों ने मारी थी गोली

Tue, 28 Feb 2017 11:29 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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gurmehar kaur
आज दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा गुरमेहर कौर को भले ही रेप करने की धमकी मिल रही है लेकिन गुरमेहर तब महज दो साल की थीं जब उनके पिता कैप्टन मनदीप सिंह आतंकियों का सामना करते हुए देश के लिए शहीद हो गए थे, जान‌िए कैसे।
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gurmehar kaur
बात साल 1999 की है जब पाक घुसपैठियों ने जम्मू में राष्ट्रीय रायफल्स के कैंप पर हमला कर दिया था। गुरमेहर के पिता अमनदीप सिंह अपने कैंप के बचाने के लिए आतंकियों के सामने दीवार बन के खड़े हो गए। गोलीबारी में आखिर अमनदीप शहीद हो गए।
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अमनदीप के साथ छह जवान भी इस मुठभेड़ में शहीद हो गए। महज आठ साल पहले 1991 में अमनदीप ने सेना में अपनी नौकरी शुरु की थी। उनकी पहली नियुक्ति एयर डिफेंस की 49वीं बटालियन में हुई थी।

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gurmehar kaur - फोटो : ट्व‌िटर से
हालांकि 6 अगस्त 1999 को जब कारगिल में वो आतंकियों का सामना कर रहे थे तो वो 4 राष्ट्रीय रायफल्स की बटालियन को लीड कर रहे थे।
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gurmehar - फोटो : अमर उजाला
पांच अगस्त की आधीरात घुसपैठियों ने कुपवाड़ा के चक गांव पर हमला कर दिया। उस गांव के ही नजदीक कैप्टन मनदीप सिंह की बटालियन का डेरा था। घुसपैठियों ने उनकी बटालियन पर हमला कर दिया।
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गुरमेहर कौर - फोटो : facebook
रात 1.15 बजे आतंकियों से मुकाबले के दौरान कैप्टन मनदीप के बाएं हिस्से में गोली लगी जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। उनकी बटालियन में मनदीप के साथ कुल सात लोग शहीद हुए।
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gurmehar kaur
मनदीप की बट‌ालियन पर अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा का भी जिम्मा था। पंजाब सरकार के एक्साइज और टैक्सेशन डिपार्टमेंट में काम करने वाली मनदीप सिंह की पत्नी रविंदर कौर को जब ये खबर मिली तो उन्हें पहले तो इस बात पर यकीन ही नहीं हुआ।

(साभारः इंड‌ियन एक्सप्रेस)
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