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सामने आ गया था प्रेमिका के धंधे का सच इसलिए भून डाला उसे

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द्वारका स्थित एक पार्क में निकिता उर्फ निक्की की हत्या कर खुदकुशी करने वाले सब इंस्पेक्टर विजेंद्र कुमार के पास मिले सुसाइड नोट से मामले में नया मोड़ आ गया है। विजेंद्र ने निकिता पर फंसाने की धमकी देकर जबरदस्ती लाखों रुपये वसूलने की बात लिखी है।
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उसने सुसाइड नोट में इशारा किया है कि उगाही का यह खेल एक गिरोह कर रहा है। निकिता उस गिरोह की सिर्फ एक मोहरा थी। गिरोह में अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले लोग जुड़े हैं।
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विजेंद्र ने अपनी मां को अफसोस करने से मना किया है। उसने लिखा है कि एक दिन तो सब को मरना है। सुसाइड नोट में लिखा है कि महिला को पैसे देने से उस पर काफी कर्ज हो गया है। उधार लेकर वह उसकी जरूरतों को पूरा कर रहा है, इसलिए काम पर ध्यान नहीं दे पा रहा है। उसके अंदर जीने की चाहत खत्म हो चुकी है।

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एक बार रकम देने के बाद मामला कुछ दिनों तक शांत रहता है, लेकिन अगली बार वह दोगुना रकम मांगती है। नहीं देने पर फंसाने की धमकी देती है, जिसकी वजह से किसी तरह रुपये का इंतजाम कर उसे मुहैया करवाता है। सुसाइड नोट से एक बात का खुलासा हो रहा है कि विजेंद्र इन दिनों काफी तनाव में था।
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पुलिस ने बताया कि विजेंद्र की मौत के बाद जब पोस्टमार्टम के लिए उसके कपड़े सौंपे जा रहे थे, तो उसके पर्स से सुसाइड नोट मिला। सुसाइड नोट पर घटना वाले दिन की तारीख लिखी हुई है, लेकिन लिखावट से लग रहा है कि उसने सुसाइड नोट को काफी पहले लिख लिया था।
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पुलिस के अनुसार विजेंद्र ने हत्या की वारदात को अंजाम देने के समय संदीप विश्नोई का नेम प्लेट लगी वर्दी पहनी हुई थी। घटना को अंजाम देने से एक दिन पूर्व ही वह ड्यूटी पर आया था।
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थाने से वर्दी व सर्विस पिस्टल लेने के बाद लूटपाट के मामले की जांच की बात कहकर निकल गया था। बताया जा रहा है कि उत्तम नगर थाने में उसके साथ ही संदीप विश्नोई तैनात था।

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पुलिस सूत्रों के अनुसार जब जख्मी होने के बाद विजेंद्र को एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, तो वह होश में था और करीब एक घंटे तक होश में रहा।
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उसके हताशा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोई भी सवाल करने पर यही कहता था कि मुझे मर जाने दो। कुछ देर बाद उसका ऑपरेशन किया गया, जिसके कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई।
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